मनेन्द्रगढ़: मनेन्द्रगढ़ शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक अब लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। शासकीय 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की अगस्त 2026 की रिपोर्ट में डॉग बाइट के 268 मामले दर्ज किए गए हैं। यानी पूरे महीने में औसतन हर दिन करीब 9 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे।
डॉग बाइट के इतने अधिक मामले सामने आने से क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और रेबीज से बचाव को लेकर किए जा रहे इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
अगस्त में 615 मरीज अस्पताल में भर्ती
अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 में कुल 615 मरीजों को IPD में भर्ती कर उपचार दिया गया। इनमें सामान्य बीमारियों के साथ सड़क दुर्घटना, सर्पदंश, विषाक्तता और अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मामले शामिल रहे।
इन सभी मामलों में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला आंकड़ा 268 डॉग बाइट केस का है।
डॉग बाइट के बाद सर्पदंश के 17 मामले
अगस्त माह में डॉग बाइट के अलावा 17 सर्पदंश के मामले भी अस्पताल में दर्ज किए गए। वहीं पॉइजनिंग के 10, भालू/फॉक्स बाइट के 2, बर्न का 1, हैंगिंग का 1 और डूबने का 1 मामला सामने आया।
इसके अलावा अस्पताल की रिपोर्ट में पीलिया के 10, CKD के 3 और CVA के 3 मरीज भी दर्ज किए गए हैं।
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मेडिसिन विभाग में सबसे ज्यादा 378 मरीज
विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन विभाग में भर्ती हुए। यहां कुल 378 मरीजों का उपचार किया गया।
इसके बाद OBG एवं GYNE विभाग में 164, पीडिया में 70, सर्जरी में 29, ऑर्थोपेडिक में 20, आई विभाग में 20, साइको विभाग में 10 और ENT विभाग में 5 मरीज भर्ती हुए।
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का भी रहा दबाव
अस्पताल में महिला एवं मातृ स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। अगस्त में 143 ANC यानी प्रसव पूर्व जांच और 119 PNC यानी प्रसव पश्चात देखभाल के मामले दर्ज किए गए।
इसके अलावा 21 एनीमिया, 14 LSCS और 91 ND के मामले भी रिपोर्ट में शामिल हैं।
अगस्त में 21 मौतें दर्ज
अस्पताल की अगस्त माह की रिपोर्ट में 21 मौतें भी दर्ज की गई हैं। हालांकि स्टिल बर्थ और IUFD के मामले शून्य रहे। गंभीर स्थिति वाले कुछ मरीजों को आवश्यकता के अनुसार बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
268 डॉग बाइट केस ने बढ़ाई चिंता
अस्पताल के आंकड़े मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव की तस्वीर सामने रखते हैं। 615 मरीजों का IPD में भर्ती होना जहां अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है, वहीं 268 डॉग बाइट केस पूरे क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आए हैं।
एक महीने में 268 लोगों के कुत्ते के काटने का शिकार होने का मतलब है कि औसतन हर दिन करीब 9 लोगों को डॉग बाइट के बाद अस्पताल पहुंचना पड़ा।
ऐसे में आवारा कुत्तों की रोकथाम, एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता और डॉग बाइट के बाद मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
अब इन आंकड़ों के सामने आने के बाद लोगों की नजर स्थानीय निकाय और स्वास्थ्य विभाग पर है कि मनेन्द्रगढ़ में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।




