जल की हर बूंद बचाने पर CM साय का फोकस, बोले- हर जिले की सर्वोच्च प्राथमिकता बने जल सुरक्षा

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रायपुर :  छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित रखने के बजाय जनभागीदारी से जोड़ने पर राज्य सरकार ने जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जल संरक्षण और पेयजल योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

जल संचय अभियान की जिलेवार प्रगति की समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संचय जनभागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न जिलों में अभियान की स्थिति और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, उनकी कार्यप्रणाली और अनुभव दूसरे जिलों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।

सीएम ने बेहतर मॉडल और अनुभव दूसरे जिलों के साथ साझा कर पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति देने पर जोर दिया।

लक्ष्य से आगे बढ़कर काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 में कई जिलों ने अभियान के तहत उल्लेखनीय काम किया है। अब सभी जिलों को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के साथ उससे आगे बढ़कर बेहतर परिणाम हासिल करने का प्रयास करना होगा।

जल संसाधन विभाग के सचिव आर. एस. टोप्पो ने बताया कि जल संचय जनभागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य हासिल करने और उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने अभियान के तहत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी करने और कमियां सामने आने पर तत्काल सुधार करने को कहा। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने और सभी काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

जल जीवन मिशन के शेष काम मिशन मोड में पूरे हों

बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। प्रदेश के हर घर में पर्याप्त और स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

सीएम ने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में योजना की नियमित समीक्षा करने और प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन से जुड़ी बाधाओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया।

सिर्फ पाइपलाइन बिछाना ही सफलता नहीं

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल पाइपलाइन या अन्य अधोसंरचना तैयार कर देना ही जल जीवन मिशन की सफलता नहीं है। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि योजना का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिलता रहे।

इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

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पूरे हो चुके कामों के भुगतान में देरी न हो

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता के अनुरूप पूरे किए जा चुके कार्यों का भुगतान समय पर किया जाए।

उन्होंने जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करने और बैठक में सामने आई कमियों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने को कहा।

हर जिले की सर्वोच्च प्राथमिकता बने जल सुरक्षा

मुख्यमंत्री साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण और हर घर नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को अपने-अपने जिलों की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करें। स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जनभागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े विषय हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से लोगों को वर्तमान में बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने उदाहरण पेश करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करना होगा और प्रत्येक जिले को अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना होगा।

‘ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है जहां जल स्रोत सुरक्षित रहें’

सीएम साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां जल का बेहतर संरक्षण हो, जल स्रोत सुरक्षित और समृद्ध रहें तथा प्रत्येक परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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