रात में सोने से पहले क्यों पीते हैं हल्दी वाला दूध? डॉक्टर से जानिए सही तरीका और इसके फायदे

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Health News: भारतीय घरों में रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर इसे शरीर के लिए फायदेमंद बताते हैं। आयुर्वेद में भी हल्दी को अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। लेकिन सवाल यह है कि हल्दी वाला दूध रात में ही क्यों पीने की सलाह दी जाती है?

फेमस गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स के अनुसार, दूध और हल्दी का संयोजन आराम और बेहतर नींद की दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

नींद के लिए मददगार हो सकता है हल्दी वाला दूध

रात में हल्दी वाला गर्म दूध पीना कुछ लोगों के लिए आरामदायक हो सकता है। दूध में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है, जिसका संबंध शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन के निर्माण की प्रक्रिया से है। मेलाटोनिन शरीर के स्लीप-वेक साइकल को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वहीं हल्दी में मौजूद करक्यूमिन अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। हालांकि, हल्दी वाला दूध सीधे तौर पर नींद की समस्या का इलाज करता है, ऐसा कहने के लिए पर्याप्त मजबूत प्रमाण नहीं हैं।

तनाव और थकान में मिल सकता है आराम

दिनभर की भागदौड़ और तनाव के बाद रात में गर्म दूध पीना शरीर और दिमाग को आराम देने वाली दिनचर्या का हिस्सा बन सकता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन पर तनाव और सूजन से जुड़े कई शोध हुए हैं, लेकिन इसे चिंता या तनाव की दवा नहीं माना जा सकता।

अगर लगातार तनाव, बेचैनी या नींद की समस्या बनी रहती है तो इसके पीछे दूसरे कारण भी हो सकते हैं और डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

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पाचन के लिए भी हो सकता है उपयोगी

दूध कई लोगों के लिए पौष्टिक भोजन का हिस्सा है, जबकि हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन से जुड़ी समस्याओं में किया जाता रहा है। हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है।

अगर दूध पीने के बाद गैस, पेट फूलना, दस्त या अपच की समस्या होती है तो रात में हल्दी वाला दूध पीना आपके लिए सही विकल्प नहीं हो सकता।

हड्डियों और मांसपेशियों के लिए

दूध कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों पर भी शोध हुए हैं।

हालांकि, हल्दी वाला दूध गठिया या हड्डियों की बीमारी को नियंत्रित करने का इलाज नहीं है। ऐसी समस्याओं में डॉक्टर की सलाह और उचित उपचार जरूरी है।

हल्दी वाला दूध कैसे पिएं?

रात में सोने से कुछ समय पहले हल्का गर्म दूध लिया जा सकता है। इसमें थोड़ी मात्रा में हल्दी मिलाई जा सकती है। कुछ लोग इसमें चुटकीभर काली मिर्च भी डालते हैं, क्योंकि काली मिर्च में मौजूद पाइपरिन करक्यूमिन के अवशोषण को बढ़ा सकता है।

लेकिन ज्यादा हल्दी डालने की जरूरत नहीं है। अगर आपको दूध से एलर्जी, लैक्टोज इनटॉलरेंस या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

जरूरी बात

हल्दी वाला दूध एक पारंपरिक और पौष्टिक पेय हो सकता है, लेकिन इसे नींद, गठिया, लिवर की समस्या या किसी अन्य बीमारी का इलाज समझकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अच्छी नींद के लिए नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और तनाव कम करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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