सत्य, अहिंसा, न्याय और रचनात्मक समाज निर्माण को लेकर विभिन्न संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से करेंगे संवाद
परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और न्याय के आदर्शों पर आधारित रचनात्मक समाज निर्माण के लिए लंबे समय से कार्यरत श्रद्धेय पी.वी. राजगोपाल ‘राजा जी’, संस्थापक प्रयोग आश्रम एवं एकता परिषद जनसंगठन, का छत्तीसगढ़ आगमन प्रस्तावित है। वे 24 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनसंगठनों, पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ नागरिकों से सौजन्य मुलाकात एवं विभिन्न सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राजगोपाल का प्रमुख प्रवास प्रयोग आश्रम, सासाहोली, तिल्दा-नेवरा, रायपुर में रहेगा। यहां राज्य स्तरीय संस्थाओं एवं जनसंगठनों के पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, ग्रामोद्योग तथा रचनात्मक समाज निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया जाएगा।
यह रहेगा प्रस्तावित कार्यक्रम
24 सितंबर को प्रयोग आश्रम में साधारण सभा की बैठक आयोजित की जाएगी।
25 सितंबर को प्रदेश स्तरीय ग्रामीण जनमुखियाओं एवं एकता परिषद जनसंगठन, छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों के साथ “संगठनात्मक गतिविधियां, दशा और दिशा” विषय पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
26 सितंबर को ग्रामीण विकास प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी कमेटी की बैठक तथा ग्रामोद्योग विषय पर परिचर्चा प्रस्तावित है।
27 सितंबर को स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ एवं सम्माननीय नागरिकों से सौजन्य मुलाकात के साथ विभिन्न व्यक्तियों, संस्थाओं एवं जनसंगठनों द्वारा आयोजित रचनात्मक कार्यक्रमों में सहभागिता की जाएगी।
28 एवं 29 सितंबर को वरिष्ठ राजनेताओं, पक्ष-विपक्ष के पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से सौहार्दपूर्ण सौजन्य मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरान सामाजिक सरोकारों एवं रचनात्मक समाज निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद होने की संभावना है।
30 सितंबर को छत्तीसगढ़ प्रवास के कार्यक्रमों के उपरांत उनके आगामी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
पी व्ही राजगोपाल के इस प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर सामाजिक संगठनों एवं रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों में उत्साह है। प्रवास के दौरान गांधीवादी विचार, सत्य-अहिंसा, सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास और समाज की रचनात्मक भागीदारी जैसे विषयों पर विभिन्न वर्गों के बीच संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिसके आगमन को लेकर छत्तीसगढ़ सहित गरियाबंद जिले में भी उनके संगठन के पदाधिकारियों, सदस्यों सहित कार्यकताओं में काफी उत्साह है।




