शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी होने पर डॉक्टर आमतौर पर जांच के बाद जरूरत के मुताबिक सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। हालांकि कई लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के ही विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट शुरू कर देते हैं। सिर्फ सप्लीमेंट लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सही तरीके और सही अंतराल के साथ लेना भी जरूरी हो सकता है।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. गौरव खटाना ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में अलग-अलग विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट लेने के सामान्य तरीकों के बारे में जानकारी साझा की है। हालांकि किसी व्यक्ति को किस सप्लीमेंट की कितनी मात्रा और कितने समय तक जरूरत है, यह उसकी उम्र, स्वास्थ्य और जांच रिपोर्ट पर निर्भर कर सकता है। इसलिए सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
विटामिन B12 कैसे लें?
विटामिन B12 को आमतौर पर खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। इसे दिन में किसी भी समय लिया जा सकता है। सही समय से ज्यादा महत्वपूर्ण इसे नियमित रूप से लेना है।
जरूरत के अनुसार डॉक्टर टैबलेट, जीभ के नीचे रखने वाली गोली या इंजेक्शन की सलाह दे सकते हैं। कौन-सा विकल्प और कितनी मात्रा जरूरी है, यह चिकित्सकीय सलाह के अनुसार तय किया जाना चाहिए।
मैग्नीशियम लेने का सही तरीका
मैग्नीशियम शरीर में मांसपेशियों के सामान्य कार्य सहित कई प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। इसे खाने के साथ लेने से कुछ लोगों में पेट खराब होने या गैस जैसी परेशानी कम हो सकती है।
कुछ लोग इसे रात में सोने से पहले लेते हैं। हालांकि इसका समय व्यक्ति की जरूरत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।
मैग्नीशियम को कैल्शियम, आयरन और जिंक से अलग समय पर लेने की सलाह दी जा सकती है। इनके बीच करीब 2 से 4 घंटे का अंतर रखना उपयोगी हो सकता है।
विटामिन C कब लें?
विटामिन C को खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। अगर खाली पेट लेने पर पेट में जलन या परेशानी होती है तो इसे भोजन के साथ लेना बेहतर हो सकता है।
विटामिन C पौधों से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन के अवशोषण में मदद करता है। अगर किसी व्यक्ति को डॉक्टर ने ज्यादा मात्रा में विटामिन C लेने की सलाह दी है, तो खुराक को अलग-अलग समय पर लेने की सलाह दी जा सकती है।
विटामिन D3 के लिए खाने में फैट जरूरी
विटामिन D3 को ऐसे भोजन के साथ लेना बेहतर हो सकता है जिसमें कुछ मात्रा में स्वस्थ वसा (फैट) मौजूद हो। इसे सुबह या शाम किसी भी समय लिया जा सकता है।
दूध, दही, अंडे, नट्स, एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थों के साथ इसे लेने की सलाह दी जा सकती है। हालांकि विटामिन D की खुराक व्यक्ति की जांच रिपोर्ट और जरूरत के अनुसार डॉक्टर तय करते हैं।
जिंक खाली पेट लेने से हो सकती है परेशानी
जिंक सप्लीमेंट को खाने के साथ लेना कई लोगों के लिए बेहतर रहता है, क्योंकि खाली पेट लेने पर मतली या पेट खराब होने जैसी समस्या हो सकती है।
जिंक और आयरन या कैल्शियम सप्लीमेंट के बीच करीब 2 से 4 घंटे का अंतर रखना चाहिए। सप्लीमेंट को रोज लगभग एक ही समय पर लेना नियमितता बनाए रखने में मदद कर सकता है।
जिंक लेते समय चाय-कॉफी और बहुत अधिक फाइबर वाले भोजन के साथ लेने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि कुछ परिस्थितियों में ये इसके अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं।
कैल्शियम कैसे लें?
कैल्शियम को आमतौर पर भोजन के साथ लेने से कुछ प्रकार के कैल्शियम सप्लीमेंट का अवशोषण बेहतर हो सकता है और पेट से जुड़ी परेशानी कम हो सकती है।
अगर अधिक मात्रा में कैल्शियम लेने की जरूरत हो तो इसे एक साथ लेने के बजाय अलग-अलग छोटी खुराक में लेने की सलाह दी जा सकती है।
कैल्शियम को आयरन, जिंक, लेवोथायरोक्सिन और कुछ एंटीबायोटिक्स के साथ एक ही समय पर लेने से बचना पड़ सकता है। इन दवाओं और सप्लीमेंट्स के बीच अंतर रखने की जरूरत हो सकती है, इसलिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सही समय पूछना बेहतर है।
फोलेट यानी विटामिन B9 कब लें?
फोलेट यानी विटामिन B9 शरीर में डीएनए और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गर्भावस्था के दौरान इसकी जरूरत विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है।
फोलेट को खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। अगर कोई महिला गर्भधारण की योजना बना रही है, गर्भवती है या स्तनपान करा रही है, तो फोलेट की जरूरत और इसकी सही मात्रा के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
सप्लीमेंट लेने से पहले यह बात जरूर याद रखें
हर व्यक्ति के लिए विटामिन और मिनरल की जरूरत एक जैसी नहीं होती। कमी की पुष्टि के लिए जांच, उम्र, खान-पान, दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर सप्लीमेंट की जरूरत और मात्रा अलग हो सकती है।
इसलिए बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक विटामिन-मिनरल सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। सही सप्लीमेंट के साथ सही मात्रा और सही तरीके का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।




