वनोपज और वनौषधियों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर मंथन

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एकता परिषद के राष्ट्रीय समन्वयक रमेश शर्मा एवं विशेषज्ञ चितेश भाई ने गरियाबंद जिले का किया दौरा, वनधन केंद्र और लघु वनोपज सहकारी समिति में ली जानकारी

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : वनोपज एवं वनौषधियों के माध्यम से ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की संभावनाओं को लेकर एकता परिषद के राष्ट्रीय समन्वयक रमेश शर्मा दिल्ली से एवं वनोपज-वनौषधियों के विशेषज्ञ चितेश भाई गुजरात से गरियाबंद जिले के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले में उपलब्ध लघु वनोपज एवं वनौषधियों की संभावनाओं तथा महिला समूहों को इससे जोड़कर आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा की।दौरे की शुरुआत गरियाबंद स्थित गायत्री मंदिर प्रांगण से हुई, जहां एकता परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के वन क्षेत्रों में उपलब्ध वनोपज एवं वनौषधियों, उनके संग्रहण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से महिला समूहों को वनोपज आधारित गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

इसके पश्चात टीम ने केशोडार स्थित वनधन केंद्र का दौरा किया। यहां महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे वनौषधि एवं वनोपज आधारित उत्पादों का अवलोकन किया गया। उन्होंने केंद्र में कार्यरत टीम के सदस्यों से मुलाकात कर वहां संचालित गतिविधियों, महिलाओं की भागीदारी, उत्पाद निर्माण तथा आगे की संभावनाओं के संबंध में जानकारी ली।इसके बाद प्रतिनिधिमंडल लघु वनोपज सहकारी समिति, गरियाबंद के कार्यालय पहुंचा। यहां लघु वनोपज सहकारी समिति गरियाबंद के जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह कपिल, भुंजिया समाज के जिला अध्यक्ष ग्वाल सिंह सोरी एवं सदस्य डगेश्वर ओंटी से मुलाकात कर जिले में उपलब्ध विभिन्न वनोपज एवं वनौषधियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।

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बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वन क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को केवल वनोपज संग्रहण तक सीमित न रखते हुए प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, उत्पाद निर्माण और बाजार से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। इससे महिला समूहों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों ने जिले की स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संभावित गतिविधियों को चिन्हित करने पर भी चर्चा की।इस अवसर पर लघु वनोपज सहकारी समिति के जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह कपिल, भुंजिया समाज के जिला अध्यक्ष ग्वाल सिंह सोरी, सदस्य डगेश्वर ओंटी सहित एकता परिषद के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने दिल्ली से पहुंचे राष्ट्रीय समन्वयक रमेश शर्मा एवं गुजरात से आए वनौषधि विशेषज्ञ चितेश भाई का आत्मीय स्वागत किया।दौरे को जिले में वनोपज एवं वनौषधि आधारित आजीविका को बढ़ावा देने और महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संवाद के रूप में देखा जा रहा है।

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