हीराबतर में उचित मूल्य दुकान के अनियमित संचालन से परेशानी, दुकान बंद मिलने पर बैरंग लौट रहे ग्रामीण
परमेश्वर राजपूत,गरियाबंद : छुरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरूवामुड़ा अंतर्गत ग्राम हीराबतर में संचालित उचित मूल्य की दुकान के अनियमित संचालन को लेकर ग्रामीण हितग्राहियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान नियमित रूप से और निर्धारित समय पर नहीं खुलने के कारण उन्हें सरकारी राशन, विशेषकर चावल प्राप्त करने के लिए बार-बार दुकान के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई हितग्राही दुकान तक पहुंचने के बाद उसे बंद देखकर वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।हितग्राहियों के अनुसार उचित मूल्य दुकान के खुलने और बंद होने का कोई निश्चित समय निर्धारित दिखाई नहीं देता। कभी दुकान दोपहर तक खुलती है तो कभी करीब एक बजे तक ही संचालन होता है, जबकि कई दिनों में दुकान खुलती ही नहीं है। ऐसे में दूर-दराज से राशन लेने पहुंचने वाले हितग्राहियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
आज भी करीब एक बजे बंद हो गई दुकान
ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार को भी हितग्राही राशन लेने के लिए दुकान पहुंचे, लेकिन वहां बिजली नहीं होने और कांटा मशीन के काम नहीं करने की बात कही गई। इसके बाद करीब एक बजे उचित मूल्य की दुकान बंद कर दी गई। राशन लेने पहुंचे कई हितग्राही दुकान के बाहर स्थिति देखकर वापस लौट गए।बताया गया कि इस संबंध में दुकान के ठेकेदार से बातचीत की गई तो उन्होंने आश्वस्त किया कि दुकान निर्धारित समय तक खोलने के लिए संबंधित व्यक्ति को निर्देशित कर दिया गया है। इसके बावजूद उसी दिन दुकान बंद हो जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिजली और कांटे की समस्या कब तक बनेगी बहाना?
हितग्राहियों का कहना है कि उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण के लिए बिजली अथवा कांटा मशीन में तकनीकी समस्या आती है तो उसका समाधान कर दुकान का संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लेकिन यदि बार-बार दुकान बंद रहती है तो इसका सीधा असर उन गरीब परिवारों पर पड़ता है, जिन्हें अपने परिवार के लिए निर्धारित समय पर सरकारी राशन की आवश्यकता होती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग दुकान के संचालन की वास्तविक स्थिति की जांच करे तथा दुकान खुलने और राशन वितरण का स्पष्ट समय निर्धारित कर उसका पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि हितग्राहियों को अनावश्यक रूप से चक्कर न लगाना पड़े।
सहायक खाद्य अधिकारी जे आर भगत से संपर्क –
मामले में संबंधित खाद्य अधिकारी का पक्ष जानने के लिए फोन के माध्यम से संपर्क करने किया गया, जिस उन्होंने कहा कि इस पर संज्ञान लेते हुए त्वरित सुधार और निराकरण किया जाएगा।अब सवाल यह है कि सरकार द्वारा गरीब हितग्राहियों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले राशन की व्यवस्था यदि निर्धारित समय पर ही उपलब्ध नहीं हो पाएगी, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित मूल्य दुकान का नियमित एवं निर्धारित समय पर संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।




