मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को कथित तौर पर और मजबूत किया गया है। यह कदम उनके आवास और पारिवारिक घर के आसपास हुए विरोध-प्रदर्शनों तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद उठाया गया बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी मौजूदा Z+ सुरक्षा श्रेणी में बदलाव करने के बजाय अतिरिक्त सुरक्षा बलों और निगरानी के जरिए सुरक्षा घेरे को मजबूत किया गया है।
पहले से Z+ सुरक्षा, अब अतिरिक्त इंतजाम
Z+ देश में उच्च स्तर की सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। इसमें खतरे के आकलन के आधार पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मी, व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी और आवाजाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था शामिल हो सकती है। सुरक्षाकर्मियों की वास्तविक संख्या और तैनाती संबंधित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
बताई जा रही नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के नई मोती बाग स्थित ज्ञानेश कुमार के सरकारी आवास के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, चौबीसों घंटे निगरानी और आगंतुकों की पहचान की जांच जैसे कदम शामिल हैं। हालांकि, इन विशेष इंतजामों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
आवास और चुनाव आयोग मुख्यालय की सुरक्षा पर जोर
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रदर्शनकारियों के सरकारी आवास तक पहुंचने और परिसर में प्रवेश की कोशिश की घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे का दोबारा आकलन किया। इसके साथ ही आगरा स्थित उनके पारिवारिक घर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना का भी उल्लेख किया गया है।
इन घटनाओं के मद्देनजर पारिवारिक आवास और निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरते जाने की बात कही जा रही है।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। विरोध से जुड़े समूहों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग किए जाने की भी बात सामने आई है।
विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग की आलोचना की है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर राजनीतिक पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन पर भी नजर
दी गई जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को ‘जंतर-मंतर 2.0’ नाम से एक प्रदर्शन प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य SIR को लेकर विरोध दर्ज कराना और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाना बताया गया है। प्रदर्शन के आयोजकों, इसमें शामिल होने वाले संगठनों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आधिकारिक जानकारी की पुष्टि की जानी चाहिए।
विरोध-प्रदर्शनों के बीच ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त इंतजाम किए जाने की खबर ने इस राजनीतिक विवाद को एक नया आयाम दिया है। हालांकि, सुरक्षा संबंधी विशिष्ट बदलावों और घटनाओं के विवरण पर अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले गृह मंत्रालय, CISF या चुनाव आयोग की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।




