रायपुर : नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन में सोमवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं और माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को दी जा रही सहायता एवं सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों की स्मृति में स्मारक बनाने और लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए।
शहीद परिवारों को 100% अनुकंपा नियुक्ति
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नक्सल हिंसा में शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है। इस पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा सके।
109 शहीद स्मारक बनेंगे, QR कोड से मिलेगी जानकारी
राज्य निर्माण के बाद माओवादी हिंसा में शहीद जवानों और दिवंगत नागरिकों की स्मृति में 109 शहीद स्मारकों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उप मुख्यमंत्री ने स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम बनेंगे।
स्मारकों में QR कोड लगाए जाएंगे। इन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।
नक्सल हिंसा के पीड़ितों के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक में ऐसे मामलों की भी समीक्षा की गई, जिनमें नक्सल हिंसा में प्रभावित परिवारों तक अब तक राहत नहीं पहुंच सकी है। उप मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
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गंभीर मामलों को छोड़कर पुनर्वासित युवाओं के प्रकरण जल्द निपटाएं
पुनर्वासित युवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यूएपीए और जनहानि जैसे गंभीर मामलों को छोड़कर अन्य प्रकरणों का जल्द निराकरण किया जाए।
इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं की टीम बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही प्रत्येक मामले की पृथक्करण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र पुनर्वासित युवाओं को अनावश्यक रूप से लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।
स्कूल, चौक और सरकारी भवनों का होगा शहीदों के नाम पर नामकरण
शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप से बनाए रखने के लिए स्कूलों, चौक-चौराहों और शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया भी तेज करने के निर्देश दिए गए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां विभागीय अनुमति की आवश्यकता है, वहां तत्काल अनुमति लेकर नामकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए।
क्षतिपूर्ति और प्रोत्साहन राशि का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश
माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति और घायल जवानों एवं आम नागरिकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी पात्र मामलों में निर्धारित सहायता और प्रोत्साहन राशि समय पर मिले तथा कोई भी पात्र प्रकरण लंबित न रहे।
पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य और भोजन व्यवस्था पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन और मौसमी बीमारियों से बचाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने और वहां रह रहे लोगों की सुविधाओं की लगातार निगरानी करने को कहा गया।
कौशल विकास से जुड़ेंगे पुनर्वासित युवा
पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए विजय शर्मा ने इनाम राशि में से शेष राशि का भुगतान इस महीने के अंत तक करने के निर्देश दिए।
दूसरे राज्यों में शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ लौटने वाले स्थानीय लोगों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़कर कौशल विकास प्रशिक्षण देने को कहा गया। वहीं, दूसरे राज्यों के निवासी पुनर्वासित युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने के लिए संबंधित राज्यों से समन्वय करने के निर्देश दिए गए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए। पुनर्वासित लोगों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी आजीविका और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना भी जरूरी है।
इलवद पंचायत योजना के 50 गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता
बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 गांवों में विकास कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने सभी चयनित गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कर जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के निर्देश
बैठक में पुनर्वासित उन युवाओं का मुद्दा भी सामने आया, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण और पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

