सुकमा : सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के खाद्यान्न की कालाबाजारी और अनधिकृत परिवहन पर जिला प्रशासन एवं पुलिस ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई की है। 8 अगस्त शनिवार को शासकीय उचित मूल्य दुकान गोलापल्ली की जांच के दौरान हितग्राहियों को वितरण के लिए प्राप्त 15 बोरी चना, कुल 7.38 क्विंटल, दुकान से बाहर ले जाकर अन्य स्थान पर रखे जाने की स्थिति में पाए गए। मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए चना एवं परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जब्त कर थाना गोलापल्ली की अभिरक्षा में रखा गया।
जांच में सामने आए तथ्यों, ग्रामीणों एवं संबंधित व्यक्तियों के कथनों के आधार पर प्रशासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न के अनधिकृत उपयोग एवं विक्रय को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की है। प्रकरण में थाना गोलापल्ली में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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मामले की जांच के दौरान उचित मूल्य दुकान के भौतिक सत्यापन में खाद्यान्न के स्टॉक में भी महत्वपूर्ण अंतर सामने आया। सत्यापन में चावल में 124.57 क्विंटल, शक्कर में 0.42 क्विंटल, नमक में 4.66 क्विंटल, चना में 5.13 क्विंटल तथा गुड़ में 5.22 क्विंटल का अंतर दर्ज किया गया है। स्टॉक में मिली इस अनियमितता को लेकर विभागीय स्तर पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि गरीब एवं जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए निर्धारित खाद्यान्न की कालाबाजारी, अनधिकृत विक्रय, परिवहन या संग्रहण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता एवं पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

