विधायक जनक ध्रुव ने धरना स्थल पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्या, मांग को बताया जायज; विभागीय अधिकारियों से की चर्चा
परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/छुरा : स्कूल भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद ग्रामीण धरना स्थल पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए स्कूल के लिए उचित भवन की व्यवस्था की जाए। मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन को निर्णायक रूप देने का मन बना लिया है।

बताया जा रहा है कि संबंधित स्कूल में कक्षा पहली से बारहवीं तक करीब 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। बावजूद इसके पिछले तीन दिनों से स्कूल में एक भी विद्यार्थी नहीं पहुंच रहा है। शिक्षक नियमित रूप से स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के कारण स्कूल में शिक्षकों के खाली बैठने की स्थिति बनी हुई है। इससे शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
भारी बारिश के बीच धरने पर डटे ग्रामीण
स्कूल भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा शुरू किया गया धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद ग्रामीणों के आंदोलन में कमी नहीं आई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से स्कूल भवन की समस्या को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए स्कूल भवन की समस्या का स्थायी समाधान कराना है।
15 अगस्त समारोह में शामिल नहीं होंगे छात्र और पालक
आंदोलन के बीच स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों और पालकों की ओर से संकेत दिया गया है कि 15 अगस्त के कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं और पालक शामिल नहीं होंगे। ऐसे में स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आंदोलन का सीधा असर अब स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्रीय पर्व के आयोजन पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।
विधायक जनक ध्रुव पहुंचे स्कूल, ग्रामीणों से की मुलाकात
इसी बीच क्षेत्रीय विधायक जनक ध्रुव शुक्रवार को स्कूल पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों और पालकों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष स्कूल भवन की आवश्यकता और विद्यार्थियों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया। वहीं कई घंटों तक विधायक भी धरना स्थल पर डटे रहे।
विधायक ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से बातचीत की और समस्या के समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही। विधायक के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों को अब शासन और प्रशासन से ठोस आश्वासन मिलने की उम्मीद है।
अब शासन के आश्वासन पर टिकी निगाहें
चार दिनों से जारी धरने और लगातार तीन दिनों से विद्यार्थियों के स्कूल नहीं पहुंचने के बाद अब मामला गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर शिक्षक स्कूल पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर करीब 300 विद्यार्थियों की अनुपस्थिति से पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
अब देखना होगा कि शासन और शिक्षा विभाग ग्रामीणों की स्कूल भवन की मांग पर क्या निर्णय लेते हैं। क्या जल्द ही कोई ठोस आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया जाएगा या ग्रामीण अपनी मांग को लेकर आगे भी धरना जारी रखेंगे। फिलहाल भारी बारिश के बीच चौथे दिन भी ग्रामीणों का धरना जारी है और पूरे मामले पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।





