बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : जिले में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को लेकर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर बाढ़ आपदा राहत कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के खेतों में हुई फसल क्षति का तत्काल आंकलन किया जाए और नियमानुसार मुआवजा प्रकरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। प्रभावित किसान अपनी फसल क्षति की जानकारी सीधे अपने हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक या तहसील कार्यालय में संपर्क कर 10 अक्टूबर तक दे सकते हैं। राजस्व अमला प्रभावित गांव-गांव जाकर सर्वे करेगा।
मकान, पशु क्षति का भी होगा आंकलन –
कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में केवल फसल ही नहीं, बल्कि मकान क्षति, पशु हानि, जनहानि का भी तत्काल आंकलन कर प्रकरण तैयार किया जाए। एसडीएम, तहसीलदार और जनपद सीईओ संयुक्त रूप से प्रभावित गांवों का दौरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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स्वास्थ्य और पेयजल पर विशेष फोकस –
बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि प्रभावित गांवों में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए, मलेरिया, डेंगू, उल्टी-दस्त की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाए और पर्याप्त दवाइयों का वितरण किया जाए।
साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए। जहां नल-जल योजना बाधित है, वहां टैंकरों से पानी पहुंचाया जाए और पानी में क्लोरीन की गोली व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव अनिवार्य रूप से किया जाए।
बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के निर्देश –
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि बाढ़ से जिन गांवों में विद्युत पोल गिरे हैं या आपूर्ति बाधित हुई है, वहां युद्धस्तर पर कार्य कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए ताकि आम जनजीवन सामान्य हो सके।




