बेमेतरा टेकेश्वर दुबे :राज्य शासन द्वारा प्रदेश में अवैध अप्रवासियों, घुसपैठियों तथा बिना वैध दस्तावेजों के अनधिकृत रूप से निवासरत व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई एवं नियमानुसार कार्रवाई के संबंध में प्राप्त निर्देशों के परिपालन में बेमेतरा पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) द्वारा जिले में विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया गया है। साइबर सेल सहित सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को अवैध घुसपैठियों एवं बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान एवं दस्तावेजों के सत्यापन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके पश्चात जिले में सघन जांच एवं सत्यापन अभियान प्रारंभ किया गया।
इसी अभियान के दौरान विशेष टास्क फोर्स द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पहचान एवं जांच कार्रवाई करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी एकत्र की जा रही थी। थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा क्षेत्र में एक व्यक्ति संदेहास्पद रूप से घूमता हुआ पाया गया। बेमेतरा पुलिस द्वारा अत्याधुनिक तकनीकी विश्लेषण एवं उपलब्ध दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर उक्त व्यक्ति की पहचान मो. मोकसादूल आलम कालू उर्फ मो. मोकसेद अली उर्फ कालू, पिता मो. नूरूल हुसैन, उम्र 35 वर्ष, निवासी मोजफ्फर नगर, पार्बतीपुर, पौरासावा, दिनाजपुर, बांग्लादेश के रूप में की गई।
जांच के दौरान आरोपी के मूल निवास एवं पहचान से संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणिकता का परीक्षण किया गया। विशेष टीम द्वारा बांग्लादेश स्थित उसके बताए गए मूल निवास एवं संबंधित क्षेत्रों के संबंध में जानकारी एकत्र की गई। जांच में आरोपी के वर्ष 2007 में भारत प्रवेश करने तथा भारत आने के बाद संबलपुर (ओडिशा) में कथित रूप से फर्जी आधार पहचान दस्तावेज बनवाने की जानकारी सामने आई।
कपड़ा एवं बर्तन बेचने की आड़ में चोरी की वारदातें
पूछताछ एवं विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी बिना वैध वीजा एवं पासपोर्ट के भारत में रह रहा था। वह अलग-अलग जिलों में कपड़ा एवं बर्तन बेचने के नाम पर किराए से मकान लेकर गांव-गांव एवं गली-मोहल्लों में घूमता था और चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। जिस क्षेत्र में वह किराए से रहता था, वहां चोरी की वारदातें करने की बात जांच में सामने आई है।
आरोपी के किराए के मकान में रहने के दौरान उसके अन्य साथी भी आते थे और उनके साथ मिलकर भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की जानकारी सामने आई है। वर्ष 2019 में आरोपी द्वारा सूमोन खान के साथ मिलकर बेमेतरा एवं कवर्धा क्षेत्र में 7-8 चोरी की वारदातें किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
आपराधिक इतिहास
जांच में आरोपी के विरुद्ध जिला बेमेतरा, कबीरधाम एवं राजनांदगांव के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट एवं आबकारी अधिनियम से संबंधित लगभग 13 प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी वर्ष 2019 में बेमेतरा एवं कवर्धा, तथा वर्ष 2021, 2024 एवं 2026 में राजनांदगांव जिले में चोरी, नकबजनी, आबकारी एवं आर्म्स एक्ट के प्रकरणों में जेल जा चुका है।
आरोपी के 23 सितम्बर 2026 को जेल से छूटने के बाद पुनः बेमेतरा क्षेत्र में चोरी करने की नीयत से घूमने की जानकारी मिलने पर पुलिस द्वारा उसे पकड़कर आवश्यक कार्रवाई की गई।
प्रारंभिक जांच एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरोपी मो. मोकसादूल आलम कालू उर्फ मो. मोकसेद अली उर्फ कालू की पहचान एवं दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण किए जाने के पश्चात उसे दिनांक 28 सितम्बर 2026 को सुरक्षित रखे जाने हेतु होल्डिंग सेंटर, रायपुर भेजा गया है।
मकान मालिकों से बेमेतरा पुलिस की अपील
बेमेतरा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि अपने आसपास यदि कोई बाहरी व्यक्ति, महिला अथवा बच्चों सहित संदिग्ध रूप से आकर किराए पर रह रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
बेमेतरा पुलिस ने मकान मालिकों से भी अपील की है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को मकान किराए पर देने से पूर्व उसकी पूर्ण जानकारी एवं दस्तावेजों का सत्यापन करें तथा आवश्यक जानकारी नजदीकी थाने में उपलब्ध कराएं।
पूर्व में भी की गई प्रभावी कार्रवाई
बेमेतरा पुलिस द्वारा इस अभियान के पूर्व भी अवैध रूप से निवासरत संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उपलब्ध अभिलेख के अनुसार, थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा क्षेत्रांतर्गत सिंघौरी में विगत माह हुई चोरी के प्रकरण में गिरफ्तार 05 आरोपियों की विवेचना के दौरान अत्याधुनिक तकनीकी विश्लेषण से एक आरोपी मोहम्मद सुमोन खान, पिता मोहम्मद सलाम खान, उम्र 24 वर्ष, निवासी रूस्तमनगर, थाना पार्वतीपुर, जिला दिनाजपुर, डिवीजन रंगपुर (बांग्लादेश) की पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हुई थी।
जांच में उसके भारत आने के बाद कर्नाटक में फर्जी आधार एवं पैन कार्ड जैसे पहचान दस्तावेज बनाए जाने तथा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में अपने साथियों के साथ मिलकर अपराध एवं चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहने की जानकारी सामने आई थी।
उक्त मामले में बेमेतरा पुलिस द्वारा इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पतासाजी एवं अपराध संबंधी जानकारी के लिए विभिन्न राज्यों के 14 जिलों—कांकेर, कोरिया (छत्तीसगढ़), इंदौर (मध्यप्रदेश), साइबराबाद (तेलंगाना), पूर्वी दिल्ली (दिल्ली), बड़गाम (जम्मू-कश्मीर), दक्षिण दिनाजपुर, कृष्णनगर एवं नादिया (पश्चिम बंगाल), बागलकोट एवं बेलगावी (कर्नाटक), चंद्रपुर एवं नागपुर (महाराष्ट्र) तथा कोरापुट (ओडिशा)—से संपर्क किया गया था।
बेमेतरा पुलिस द्वारा जिले में अवैध घुसपैठ एवं बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, सत्यापन एवं नियमानुसार कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा। यह अभियान जिले में अपराध पर अंकुश लगाने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
इस संपूर्ण कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश कुमार यादव, एसडीओपी बेमेतरा श्री भुषण एक्का एवं एसडीओपी बेरला श्रीमती रूचि वर्मा का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा। कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली बेमेतरा निरीक्षक सोनल ग्वाला, सहायक उप निरीक्षक भानु प्रताप पटेल, प्रधान आरक्षक गोपाल ध्रुव, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक भूषण ठाकुर, लोकेश सिंह, नुरेश वर्मा, इंद्रजीत पांडेय, जय किशन साहू, संजय पाटिल, यशवंत यादव, संजय साहू सहित साइबर सेल एवं थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा के अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
बेमेतरा पुलिस आमजन से अपील करती है कि अपने क्षेत्र में रहने वाले बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।




