नेपाल में 1344 मौतों के बीच फिर आफत! भूस्खलन से नदी का बहाव थमा, अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ा

Spread the love

काठमांडू : नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड की तबाही के बीच एक बार फिर बड़ी प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडराने लगा है। दार्चुला जिले में जबरदस्त भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का बहाव आंशिक रूप से बाधित हो गया है। इसके चलते नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने की चेतावनी दी गई है।

अधिकारियों को आशंका है कि अगर दोबारा बड़ा भूस्खलन हुआ और नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, तो पानी जमा होकर अचानक बांध टूटने जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। इससे निचले इलाकों में अचानक फ्लैश फ्लड आने का खतरा बढ़ जाएगा।

नदी में गिरा भारी मात्रा में मलबा

शुक्रवार को एपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका के भट्टार क्षेत्र में भूस्खलन हुआ। पहाड़ का भारी मलबा सीधे चौलानी नदी में जा गिरा, जिसके कारण नदी का बहाव प्रभावित हुआ।

दार्चुला जिला प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन के मुताबिक, यदि और भूस्खलन हुआ तो नदी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो सकता है। ऐसी स्थिति में अचानक पानी का दबाव बढ़ने से निचले इलाकों में तेज बाढ़ आ सकती है।

नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

सुरक्षा बलों की तैनाती, हाई अलर्ट पर प्रशासन

स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों को भी अलर्ट किया गया है। स्थानीय लोगों को समय रहते चेतावनी देने और आपात स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए संवेदनशील इलाकों में जवान तैनात किए गए हैं।

सुदूरपश्चिम के मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने तथा किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

आर्म्ड पुलिस फोर्स के मुताबिक फिलहाल नदी सामान्य स्तर पर बह रही है। हालांकि, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ये भी पढ़े :नेपाल घूमने निकला धमतरी का युवक अचानक लापता, प्रयागराज में मिला मोबाइल; 16 दिन बाद भी सुराग नहीं

चौलानी नदी का भारत से भी कनेक्शन

चौलानी नदी को चमेलिया नदी के नाम से भी जाना जाता है। यह नदी एपी हिमाल क्षेत्र से निकलती है और आगे जाकर महाकाली नदी में मिलती है। महाकाली नदी का एक हिस्सा नेपाल और भारत के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा का भी काम करता है।

यही वजह है कि नेपाल में नदी के बहाव में किसी बड़े बदलाव या अचानक बाढ़ की स्थिति पर सीमावर्ती क्षेत्रों में भी नजर रखी जा रही है।

नेपाल में पहले से जारी है भारी तबाही

यह नया खतरा ऐसे समय सामने आया है जब नेपाल पहले ही 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड से जूझ रहा है। बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।

नेपाल पुलिस के मुताबिक शनिवार को आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी और राहत अभियान के दौरान लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं।

बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं और कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में दार्चुला में नया भूस्खलन और नदी का बाधित होना प्रशासन के लिए एक और बड़ी चुनौती बन गया है।

 प्रशासन की लोगों से अपील

प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाएं।

फिलहाल चौलानी नदी का बहाव सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *