गरियाबंद :शिक्षा को रोचक, जीवंत और विद्यार्थियों के लिए आकर्षक बनाने के अभिनव प्रयासों के लिए अलग पहचान बनाने वाले गरियाबंद के सहायक शिक्षक गिरीश कुमार शर्मा का चयन राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए हुआ है। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की गई।
गिरीश शर्मा के चयन की खबर सामने आते ही गरियाबंद के शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को सहज, सरल और आनंददायी बनाने की उनकी कोशिशों को राज्य स्तर पर मिली यह पहचान जिले के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
‘शिक्षा की ट्रेन’ ने बनाई अलग पहचान
गिरीश कुमार शर्मा के शैक्षणिक नवाचारों में सबसे खास उनका ‘शिक्षा की ट्रेन’ प्रयोग है। उन्होंने विद्यालय के पूरे परिसर को प्रिंट रिच वातावरण में विकसित करते हुए स्कूल को ट्रेन का स्वरूप देने का प्रयास किया।
विद्यालय के अलग-अलग हिस्सों को ट्रेन के डिब्बों की तरह सजाया गया। दीवारों, कक्षों और अन्य शैक्षणिक स्थानों पर ऐसी सामग्री प्रदर्शित की गई, जिससे बच्चे विद्यालय में प्रवेश करते ही सहज रूप से सीखने लगें।
उनकी सोच थी कि शिक्षा सिर्फ किताबों और कक्षाओं तक सीमित न रहे, बल्कि दीवारें बोलें, परिसर सिखाए और बच्चों को हर कदम पर कुछ नया सीखने का अवसर मिले।
इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यालय को केवल पढ़ाई की जगह के बजाय ऐसा जीवंत सीखने का केंद्र बनाने पर जोर दिया, जहां बच्चे देखकर, पढ़कर और खेल-खेल में ज्ञान हासिल कर सकें।
2019 से लगातार मिल रहा सम्मान
गिरीश शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए वर्ष 2019 से लगातार अलग-अलग स्तरों पर सम्मान मिलता रहा है। वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के तहत उन्हें शिक्षा दूत पुरस्कार मिला।
इसके बाद 2020 और 2021 में ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए तथा 2022 में ‘पढ़ई तुंहर दुआर 2.0’ में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वर्ष 2023 में अकादमिक कार्य और जिला स्तरीय मातृ सम्मेलन में विशेष सहयोग के लिए भी उन्हें सम्मान मिला।
5 सितंबर 2024 को शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने उन्हें उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में सम्मानित किया। वर्ष 2025 और 2026 में जिला स्तरीय योग दिवस समारोह में भी उनके योगदान को सराहा गया।
कोविड काल में भी जारी रखी पढ़ाई
कोरोना महामारी के दौरान जब स्कूलों में नियमित कक्षाएं प्रभावित हुईं, तब भी गिरीश शर्मा ने विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन माध्यम का सहारा लिया।
उन्होंने नियमित ऑनलाइन कक्षाओं, मोहल्ला क्लास और ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।
उनका मानना था कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, बच्चों की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने तकनीक और नवाचार को शिक्षण का माध्यम बनाया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी मिली पहचान
गिरीश कुमार शर्मा के शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। अगस्त 2023 में इंदौर में आयोजित समारोह में उन्हें भारत श्री राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया।
दिसंबर 2023 में अयोध्या में आयोजित समारोह में स्वदेश भारत गौरव सम्मान तथा भोपाल में आयोजित समारोह में भारत भूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया। 14 जनवरी 2024 को रायपुर में आयोजित आचार्य चाणक्य स्मृति समारोह में भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।
शिक्षा के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय
गिरीश शर्मा शिक्षा के अलावा सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। जिलाधीश द्वारा आयोजित सद्भावना मैच में विशेष सहयोग के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।
शासकीय वीर सुरेंद्र साय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गरियाबंद के राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता की। इसके अलावा शून्य निवेश आधारित शैक्षणिक गतिविधियों, समावेशी शिक्षा, NIEPA कार्यक्रम, संवाद से समाधान शिविर, निर्वाचन कार्य, योग और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में उनके योगदान को भी सराहा गया है।
वर्ष 2026 में राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया।
राज्य सम्मान के पीछे उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त
गिरीश शर्मा की उपलब्धियों का दायरा केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं है। अकादमिक गतिविधियों, ऑनलाइन शिक्षा, शैक्षणिक नवाचार, समावेशी शिक्षा, सामाजिक सहभागिता, निर्वाचन कार्य, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनके योगदान को अलग-अलग मंचों पर सम्मान मिला है।
विशेष रूप से विद्यालय को प्रिंट रिच वातावरण में बदलना और ‘शिक्षा की ट्रेन’ की अवधारणा विकसित करना उनके नवाचारी शिक्षण दृष्टिकोण को दर्शाता है।
चयन से गरियाबंद में खुशी
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए गिरीश कुमार शर्मा के चयन की घोषणा के बाद जिले के शिक्षकों और शिक्षा विभाग में खुशी का माहौल है। अधिकारियों, शिक्षकों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
अपने चयन का श्रेय गिरीश शर्मा ने माता-पिता के आशीर्वाद, उच्चाधिकारियों के उत्साहवर्धन, साथी शिक्षकों, परिजनों और शुभचिंतकों के स्नेह एवं मार्गदर्शन को दिया।
गरियाबंद के लिए गौरव का क्षण
गिरीश शर्मा का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए चयन उनके व्यक्तिगत शिक्षकीय जीवन की बड़ी उपलब्धि होने के साथ-साथ गरियाबंद जिले के लिए भी गौरव का विषय है।
उन्होंने कठिन परिस्थितियों में तकनीक के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी और विद्यालय के वातावरण को ही सीखने का माध्यम बनाने की दिशा में अभिनव प्रयोग किया। ‘शिक्षा की ट्रेन’ अब राज्य स्तर पर उनके शिक्षण नवाचार की पहचान बन गई है।
सीमित संसाधनों के बीच नवाचार के जरिए शिक्षा को नई दिशा देने वाले शिक्षकों के लिए गिरीश शर्मा की यह उपलब्धि निश्चित रूप से प्रेरणादायक है।




