सिर्फ भूखे रहना नहीं है आयुर्वेदिक व्रत! जानिए व्रत में क्या खाएं, क्या न खाएं और कैसे रखें शरीर को स्वस्थ

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आयुर्वेदिक व्रत ऐसा है जिसमें आप आयुर्वेद में बताए जाने वाले उपचार अपनाते हैं। इससे शरीर से सारे टॉक्सिन्स निकल जाते है और शरीर फिर से ऊर्जावान हो जाता है। आयुर्वेद सिर्फ आपके रोग को ठीक नहीं करता बल्कि रोग होने वाला कारणों को भी सुधरता है। आप भी अपने सामान्य उपवास को आयुर्वेदिक व्रत बना सकते है, अगर आयुर्वेद के अनुसार चलें तो। आयुर्वेद व्रत को व्यक्ति की प्रकृति यानि शरीर में पाए जाने वाले तीन दोष पित्त, वायु और कफ, इसके साथ ही आयु और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अनुकूलित करने पर जोर देता है, न कि घंटों किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठान के रूप में। आइये आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर चंचल शर्मा से जानते हैं आयुर्वेदिक व्रत क्या है और इस दौरान क्या क्या खा सकते हैं।

आयुर्वेदिक व्रत क्या है?

आयुर्वेद में एक कहावत है कि आप वह नहीं जो आप खाते हैं, बल्कि वह होते हैं जो आप पचाते हैं। खाने का मुख्य मकसद शरीर द्वारा भोजन को या तो पोषक तत्वों के रूप में सोखना है या फिर उसे मल, मूत्र, पसीने के रूप में बाहर निकालना है। इसलिए पाचन तंत्र को नियमित रूप से साफ करने और शरीर में टॉक्सिन्स के बनने को कम करने के लिए कभी-कभी उपवास करने की सलाह दी जाती है। गीता में कृष्ण और अर्जुन से जुड़ा एक श्लोक है-

‘युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।

युक्तस्वप्नाव बोधस्य योगो भवति दुःख’।।

इसमें से ‘युक्ताहारविहारस्य’ पद्धति को आयुर्वेद में अपनाया गया है। यानी संतुलित आहार और व्यायाम से शरीर के सभी प्रकार के रोग दूर हो सकते हैं फिर चाहे वे मानसिक हों या शारीरिक बीमारियां ही क्यों न हों।

आयुर्वेद के अनुसार व्रत में क्या खाएं?

  1. फल और सब्जियां- ताजे फल, हरी सब्जियां, और सूप पीएं। आयुर्वेद में सब्जी के सूप और जूस को पाचन के लिए हल्का माना गया है।
  2. व्रत के अनाज- साबूदाना, कुट्टू, राजगिरा (अमरंट), सिंघाड़ा, और सामक चावल। ये अनाज पचाने में आसान और पोषक होते हैं।
  3. दूध उत्पाद- दूध, दही, छाछ, पनीर, घी और मक्खन सीमित मात्रा में खाएं। इससे ऊर्जा और प्रोटीन दोनों मिलते हैं।
  4. मखाना और मेवा- भुने हुए मखाने, बादाम, काजू, अखरोट और किशमिश एनर्जी बूस्टर के रूप में काम करते हैं।
  5. पेय पदार्थ-  CCF चाय (जीरा, धनिया और सौंफ की चाय), नींबू पानी, अदरक वाली चाय, और सादा गुनगुना पानी दिनभर पीते रहें।
  6. मसाले- आप सिर्फ सेंधा नमक और हल्की काली मिर्च खाएं। सेंधा नमक इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

उपवास के दौरान क्या न खाएं?

  1. आम अनाज- व्रत के दौरान गेहूं, चावल, मैदा, सूजी और बेसन का सेवन मना है।
  2. प्याज और लहसुन- भले ही ये सब्जियां है लेकिन इन्हें तामसिक माना जाता है। ये ऊर्जा कम करते हैं और पाचन तंत्र पर बोझ डालते हैं। प्याज और लहसुन का रोजाना भी कम से कम सेवन करें।
  3. मसालेदार और तला भोजन- तेज़ मसाले, तली-भुनी चीज़ें और भारी भोजन पाचन बिगाड़ सकते हैं और पेट फूलने की समस्या बढ़ा सकते हैं।
  4. मीठा और प्रोसेस्ड फूड- पैक्ड जूस, सॉफ्ट ड्रिंक्स और बहुत ज़्यादा मीठी चीज़ों से बचें, क्योंकि ये कफ (बलगम) बढ़ाते हैं।
  5. कॉफी और शराब- ये शरीर में पानी की कमी पैदा करते हैं। जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार इन्हें नुकसानदायक माना जाता है।

व्रत में किन बातों का ख्याल रखें

आयुर्वेद कहता है कि नियमित आहार लेने से स्वास्थ्य और मन दोनों संतुलित रहते हैं। उपवास के समय इन चीज़ो का भी विशेष ध्यान रखें। आप खाने में मोटे आटे की रोटी, उबली हुई सब्जियां (कम नमक और मसालों के साथ), अंकुरित अनाज, सलाद और छाछ या दही का सेवन करें। लेकिन इस डाइट को अपनाते समय ज्यादा फैट वाली चीजें, खट्टी चीजें, मैदे से बनी चीजें, ठंडी चीजें और मसालों का ज़्यादा इस्तेमाल करने से बचें। आपको दिनभर में कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पीना है।

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