जांजगीर-चांपा : बलौदा थाना क्षेत्र के देवरी पिकनिक स्पॉट पर हसदेव नदी के तेज बहाव में बहे तीनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। रविवार सुबह एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे के अंतराल में दो शव नदी से बाहर निकाले। इससे पहले शनिवार को एक युवक का शव बरामद किया गया था। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बलौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
सेल्फी के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
घटना शुक्रवार की है। बिलासपुर स्थित चौकसे कॉलेज के बी फार्मा प्रथम वर्ष के 8 विद्यार्थी, जिनमें 4 छात्र और 4 छात्राएं शामिल थीं, पिकनिक मनाने देवरी गांव पहुंचे थे। इसी दौरान पवन लाल, सचिन सिंह और मुरारी साहू नदी किनारे सेल्फी लेने के लिए खड़े थे।
बताया गया कि इसी दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया और वह नदी के तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के प्रयास में उसके दो दोस्त भी पानी में उतर गए और तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए।
शनिवार को मिला था पवन का शव
हादसे की सूचना मिलते ही बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
लगातार तलाश के बाद शनिवार को पवन का शव बरामद कर लिया गया था। वहीं, दो अन्य युवकों की तलाश के लिए रविवार सुबह भी अभियान जारी रहा।
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पत्थरों के बीच खोह में फंसा था मुरारी का शव
रविवार सुबह करीब 6:15 बजे अंबिकापुर निवासी सचिन सिंह का शव नदी से बरामद किया गया। इसके करीब 45 मिनट बाद सुबह 7 बजे मुरारी साहू का शव भी मिल गया।
जानकारी के अनुसार, मुरारी साहू का शव घटनास्थल के पास पत्थरों के बीच बनी एक खोह में फंसा हुआ था। एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीम ने काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
तीनों शवों को बलौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे के बाद प्रशासन अब देवरी पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती की तैयारी कर रहा है। एसडीएम ने टापू तक पहुंचने वाले रास्ते पर बैरिकेड लगाने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए चेतावनी पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत कर भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने का प्रयास किया जाएगा।




