बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा योजना) किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में प्रभावी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर उपज बेचने का अवसर मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है तथा खेती के प्रति उनका विश्वास लगातार बढ़ रहा है। जिला बेमेतरा के विकासखंड बेमेतरा अंतर्गत ग्राम पचभैया निवासी किसान धनेश चंद्राकर पिछले 16 वर्षों से खेती कर रहे हैं। लगभग 2.67 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती करने वाले किसान धनेश चंद्राकर ने वर्ष 2025-26 में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर चना एवं मसूर की बेहतर फसल का उत्पादन किया। उन्होंने अपनी उपज का विक्रय प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा योजना) के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया, जिससे उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त हुआ।
किसान धनेश चंद्राकर बताते हैं कि पहले उन्हें अपनी उपज कम कीमत पर व्यापारियों को बेचनी पड़ती थी, जिससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। लेकिन पीएम आशा योजना के माध्यम से उन्हें समर्थन मूल्य पर उपज बेचने का अवसर मिला, जिससे समय पर भुगतान प्राप्त हुआ और उनकी आय में वृद्धि हुई। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि योजना से प्राप्त अतिरिक्त आय का उपयोग वे आगामी फसल के लिए बेहतर गुणवत्ता के बीज, उर्वरक एवं आधुनिक कृषि उपकरणों की व्यवस्था करने में कर रहे हैं। साथ ही परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति भी पहले की अपेक्षा अधिक सहजता से हो रही है।
किसान धनेश चंद्राकर ने अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे शासन की उपार्जन व्यवस्था का लाभ लेने के लिए अपनी उपज का पंजीयन कराएं तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचकर अपनी मेहनत का उचित लाभ प्राप्त करें। उन्होंने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान को किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक सुरक्षा, समय पर भुगतान और आत्मविश्वास प्रदान किया है, जिससे वे भविष्य में और अधिक उत्साह के साथ खेती करने के लिए प्रेरित हुए हैं।

