गरियाबंद में त्योहारों से पहले खाद्य विभाग की जांच तेज, दो मिठाई दुकानों से कुंदा के नमूने लिए

Spread the love

गरियाबंद : नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के मद्देनजर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देश पर मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में विभिन्न दुकानों का निरीक्षण कर दो प्रतिष्ठानों से कुंदा के नमूने संकलित किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए रायपुर की खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेसर्स भवानी बीकानेर स्वीट्स, मेसर्स गुजराती स्वीट्स, मेसर्स मधुबन स्वीट्स और मेसर्स डेली डिलाइट सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिलावट या मानक गुणवत्ता से संबंधित आशंका के आधार पर भवानी बीकानेर स्वीट्स और गुजराती स्वीट्स से कुंदा के नमूने लिए गए।

दोनों नमूनों को खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर भेजा गया है। विभाग के मुताबिक, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नमूनों की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

ये भी पढ़े :दवाएं सस्ती हों, नकली दवाओं पर लगे लगाम! राज्यपाल रमेन डेका ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कही बड़ी बात

फल विक्रेताओं और स्ट्रीट फूड दुकानों को भी निर्देश

खाद्य सुरक्षा विभाग ने 14 और 15 अक्टूबर को गरियाबंद बस स्टैंड के आसपास फल विक्रेताओं और स्ट्रीट फूड कारोबारियों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान विक्रेताओं को सड़े-गले और खराब फलों की बिक्री नहीं करने की हिदायत दी गई।

विभाग ने समोसा, भजिया, मिर्ची भजिया और अन्य तली हुई खाद्य सामग्री के लेन-देन में अखबारी कागज का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा खाद्य पदार्थों में जरूरत से ज्यादा रंग डालने और प्रतिबंधित अखाद्य रंग मेटेलिक यलो यानी जलेबी रंग का उपयोग नहीं करने को कहा गया।

अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल करने की हिदायत

मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण में अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए भी खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया है। विभाग का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा मिलावट की आशंका पर नियमानुसार जांच करना है।

त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच विभाग की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है। अब कुंदा के नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *