गरियाबंद : कलेक्टर बीएस उइके की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर ने जनशिकायतों के त्वरित निराकरण, नियमित बायोमैट्रिक उपस्थिति, किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर हुई शिक्षाकर्मियों की नियुक्तियों की जांच के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन, जनशिकायत, सीएम प्रवास और पीजी पोर्टल (CPGRAMS) के लंबित मामलों का गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाए, क्योंकि इनकी राज्य स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग होती है।
फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र से हुई नियुक्तियों की होगी जांच
कलेक्टर ने जनपद पंचायत मैनपुर में वर्ष 2005 से 2007 के बीच फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र और अन्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त शिक्षाकर्मियों की सूची दो दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल जतन योजना में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के भी निर्देश दिए।
31 जुलाई तक बिजली बिल जमा करें, 1 अगस्त से प्रीपेड व्यवस्था
राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार 1 अगस्त 2026 से सभी शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड बिजली बिलिंग व्यवस्था लागू होगी। कलेक्टर ने सभी विभागों को 31 जुलाई तक लंबित बिजली बिलों का भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में बिजली उपयोग के लिए पहले से रिचार्ज करना अनिवार्य होगा और भुगतान में देरी से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर
बैठक में खरीफ और रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सहकारी समितियों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े और कृषि योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
इसके साथ ही किसानों की ऋण पुस्तिका का शत-प्रतिशत डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) कराने, एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए विशेष शिविर लगाने तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर निःशुल्क बिजली योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
बायोमैट्रिक उपस्थिति नहीं तो वेतन नहीं
कलेक्टर बीएस उइके ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उनका वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, ऋषा ठाकुर सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

