सड़क है या खेत? गड्ढों में भरा पानी तो ग्रामीणों ने रोपे धान, जर्जर PM सड़क पर फूटा गुस्सा

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गरियाबंद/मैनपुर : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी जर्जर सड़क की बदहाली को लेकर मैनपुर विकासखंड के ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को सड़क पर फूट पड़ा। गौरघाट, देहारगुड़ा, गिरहोला, आमागुड़ा, सिंहार और रामपारा सहित आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। सड़क पर बने गड्ढों और उनमें भरे पानी के बीच धान के पौधे रोप दिए, जबकि कई जगह बेशरम के पौधे लगाकर जिम्मेदार विभाग का ध्यान सड़क की बदहाल स्थिति की ओर खींचा।

गड्ढों में धान रोपकर जताया विरोध

बारिश के कारण सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है। ग्रामीणों ने इन्हीं गड्ढों को खेत का रूप देते हुए उनमें धान के पौधे रोप दिए। प्रदर्शन को देखने के लिए सड़क से गुजरने वाले लोगों की भी भीड़ जुट गई।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बारिश के दिनों में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

निर्माण के कुछ समय बाद ही उखड़ने लगी सड़क

ग्रामीणों के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और करीब तीन साल में काम पूरा हुआ। आरोप है कि निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क कई जगहों से उखड़ने लगी और धीरे-धीरे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए।

ग्रामीणों का दावा है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई। हर बार मरम्मत का आश्वासन मिला, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।

ग्रामीणों के अनुसार अब विभाग की ओर से सड़क की पांच वर्ष की गारंटी अवधि समाप्त होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क निर्माण के शुरुआती दौर में ही खराब होने लगी थी, तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई गई।

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एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों के बच्चे प्रभावित

ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इसी रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण आवागमन करते हैं। मार्ग पर एक दर्जन से अधिक स्कूल भी स्थित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचते हैं।

जर्जर सड़क और जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण विद्यार्थियों, बुजुर्गों और आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है।

कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनी

ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से सड़क की मरम्मत और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते उन्हें गड्ढों में धान रोपकर विरोध जताने के लिए मजबूर होना पड़ा।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।

प्रदर्शन के दौरान सोहन नागेश, पवन दीवान, महेश दीवान, रंजित सिंह दीवान, संजय दीवान, लिलाधर दीवान, हुमनसिंग, पालसिंग, छबिराम, गुमान सिंग, गोवर्धन नागेश, केसर नेगी, पिलेश्वर ध्रुवा, रेमनसिंह दीवान, राजू सेन, सिलेश्वर, भारत कुलदीप, धनेश मरकाम, दुलचंद मरकाम, यशकुमार दीवान, हेमंत दीवान, मेघलाल यादव, शोभाराम मरकाम, पानसिंग दीवान, भरत दीवान, नकछेड़ा दीवान, सेवनलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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