नई दिल्ली : दिल्ली में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों को राजधानी के अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब तक 1500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है।
कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल में जुटे करीब 200 CJP समर्थकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। ये प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। इसके अलावा पार्टी के नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
जंतर-मंतर जाने वाले रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है। खबर के मुताबिक, राजधानी में 30 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों और ड्रोन की मदद ली जा रही है।
प्रदर्शनकारियों की आवाजाही रोकने के लिए कई सड़कों पर अवरोध लगाए गए हैं। दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में भी सुरक्षा बल तैनात हैं और राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच की जा रही है।
45 मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश और निकास बंद होने की जानकारी
प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास की सुविधा बंद की गई है। वहीं, जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद होने का भी दावा किया गया है।
दिल्ली में आने वाले प्रमुख मार्गों पर पुलिस जांच कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए कार्रवाई जारी है।
SIR और CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP समर्थक SIR प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहते हैं। इसी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
फिलहाल, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और आवाजाही पर प्रतिबंध से जुड़ी जानकारी सामने आई है। हिरासत में लिए गए सभी लोगों की स्थिति, प्रतिबंधों की अवधि और पुलिस कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान की पुष्टि की जानी बाकी है।




