परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/छुरा : स्थानीय कचना ध्रुवा महाविद्यालय में शनिवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए दीक्षारंभ एवं प्रवेशोत्सव समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन, पाठ्यक्रमों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की जानकारी दी गई। साथ ही शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन कर प्राध्यापकों के प्रति विद्यार्थियों ने सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिनेश साहू ने की।उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. साहू ने कहा कि दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, उपलब्ध पाठ्यक्रमों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से परिचित कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय, एनसीसी, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव नवप्रवेशित विद्यार्थियों के साथ साझा किए। इस दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक-वंदन कर आत्मीय स्वागत किया गया।एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी रेखराम कुर्रे ने राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्रहित में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज के प्रति अपनी भूमिका निभाना भी है।
शिक्षकों का किया गया सम्मान
दीक्षारंभ एवं प्रवेशोत्सव के दौरान शिक्षक सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन समिति सदस्य टी.के. यदु सहित प्राध्यापक तरुण कुमार निर्मलकर, के.आर. साहू, पवन यादव, धनराज ध्रुव, सुश्री आरती साहू, रश्मि ध्रुव, लोकेश्वरी साहू, वरिष्ठ प्राध्यापिका निर्मला यादव, देविका साहू, तुमेश्वर यादव, टिकेश यादव एवं हरि यादव का श्रीफल, डायरी एवं पेन भेंट कर सम्मान किया।सम्मान से अभिभूत प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और जीवन में शिक्षा, संस्कार एवं अनुशासन को सर्वोच्च महत्व देने का संदेश दिया।
समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




