मुंगेली : जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल यादव (19) और प्रहलाद धुरी (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर नाबालिग को रास्ते में रोककर गाली-गलौज और मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और बाद में जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक घर ले जाने का आरोप है। पुलिस ने यह भी बताया कि वहां नशीला इंजेक्शन लगाने के बाद नाबालिग के साथ दैहिक शोषण किए जाने की शिकायत मिली है।
सहेली के घर से लौटते समय रास्ते में रोकने का आरोप
पुलिस के अनुसार घटना 29 सितंबर 2026 की है। नाबालिग अपनी सहेली के घर से वापस अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में साहिल यादव और प्रहलाद धुरी ने उसे कथित तौर पर रोक लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा घर जाने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
डर के कारण नाबालिग घर नहीं गई और सकरी होते हुए रतनपुर मंदिर चली गई। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर की शाम करीब 5 बजे जब वह वापस लौटी, तब दोनों आरोपियों ने उसे कथित तौर पर जबरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया।
घर ले जाकर नशीला इंजेक्शन लगाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी नाबालिग को गांव के एक घर में ले गए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां उसके हाथ पकड़े गए और उसे नशीला इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद बेहोशी की स्थिति में दोनों ने उसके साथ दैहिक शोषण किया।
घटना के बाद परिजन ने जरहागांव थाने पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी और शिकायत दर्ज कराई।
BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
शिकायत के आधार पर जरहागांव पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(3), 137(2), 65(1), 70(2), 3(5) और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
नाबालिग से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी भोजराम पटेल ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पीड़िता का बयान और स्वास्थ्य परीक्षण कराया
एसएसपी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने पीड़िता का कथन दर्ज कराने के साथ उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके बाद कथित घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस टीम ने घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जानकारी जुटाई और आरोपियों की तलाश शुरू की।
2 अक्टूबर को दोनों आरोपी गिरफ्तार
विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर साहिल यादव पिता राजू यादव (19 वर्ष) और प्रहलाद धुरी पिता सुरेश कुमार धुरी (30 वर्ष) को 2 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक मामले की विवेचना और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।




