पंडरीपानी प्राथमिक शाला में शिक्षकों की कमी का मामला गरमाया, प्रधानपाठक पर अनियमितता के आरोप; जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निलंबित
परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/छुरा : विकासखंड छुरा के ग्राम पंडरीपानी डीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षकों की कमी को लेकर पालकों और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। लंबे समय से शिक्षक की मांग और स्कूल के प्रधानपाठक को हटाने की मांग पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज पालकों एवं ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़ दिया। इसके बाद पालक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे स्कूल भवन के बाहर धरने पर बैठ गए।ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पालकों और ग्रामीणों ने स्कूल के प्रधानपाठक नोहर सिंह मौर्य पर नियमित रूप से स्कूल नहीं आने तथा कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल आने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर करीब दो माह पहले विभाग को आवेदन देकर शिक्षक की व्यवस्था करने तथा प्रधानपाठक को हटाने की मांग की गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर पालकों में चिंता
खरखरा पंचायत की उपसरपंच खिरमनी हरपाल ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों की कमी और वर्तमान व्यवस्था का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में बच्चों के भविष्य को लेकर पालकों में चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने शासन-प्रशासन से ग्रामीणों की मांगों पर जल्द कार्रवाई करते हुए पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की।ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि प्रधानपाठक को हटाया जाए और स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित हो सके। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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शिकायत के बाद विभाग ने की कार्रवाई, प्रधानपाठक निलंबित
इधर, मामले में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चन्द्राकर द्वारा 5 अक्टूबर 2026 को जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि प्रधानपाठक नोहर सिंह मौर्य के विरुद्ध प्राप्त शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्रधानपाठक द्वारा 8 जुलाई 2026 को बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने तथा शाला समयावधि में नियमित उपस्थिति नहीं देने की बात सामने आई।
आदेश में इन कृत्यों को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही/स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता बताते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। इसके आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने नोहर सिंह मौर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, छुरा निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
नए शिक्षक की व्यवस्था का आश्वासन
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चन्द्राकर ने दूरभाष पर चर्चा में बताया कि ग्रामीणों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानपाठक के विरुद्ध अनुशासनहीनता को देखते हुए विभागीय कार्रवाई की जा रही है तथा स्कूल में नए शिक्षक की व्यवस्था कर समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि विभाग द्वारा निलंबन की कार्रवाई के बाद पंडरीपानी प्राथमिक शाला में शिक्षकों की कमी कितनी जल्दी दूर होती है और बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से पटरी पर लौटती है। फिलहाल ग्रामीणों का आंदोलन स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को लेकर विभाग के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।




