गरियाबंद में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, प्रशासन अलर्ट मोड पर; कलेक्टर ने दिए सतर्कता के निर्देश

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28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट; गांव-गांव मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क करने के निर्देश

फसल, मवेशियों और जन-धन की सुरक्षा पर विशेष जोर, कंट्रोल रूम सक्रिय रखने तथा निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में मौसम के करवट लेने की संभावना को देखते हुए गरियाबंद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने की संभावना के मद्देनजर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 27 अक्टूबर को सुकमा और दंतेवाड़ा तथा 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना जताई है। संभावित खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।गरियाबंद जिले में संभावित बारिश और तेज हवाओं से फसलों, मवेशियों, आम नागरिकों तथा शासकीय एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर
रणबीर शर्मा ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संभावित मौसम परिवर्तन के दौरान जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।

गांव-गांव मुनादी कराकर लोगों को किया जाएगा सतर्क
कलेक्टर शर्मा ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देशित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को मौसम की संभावित स्थिति और उससे होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाए। ग्रामीणों को सलाह दी जाए कि वे अपनी फसलों, मवेशियों और घरेलू संपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचने, सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना देने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि मौसम संबंधी चेतावनी समय रहते प्रत्येक गांव और ग्रामीण परिवार तक पहुंचे, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश
संभावित खराब मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने तथा मौसम विभाग से जारी चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्व, पुलिस, पंचायत, स्वास्थ्य, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करने और प्रभावित क्षेत्रों में समय पर सहायता पहुंचाने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।

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निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों पर रहेगी विशेष निगरानी
संभावित वर्षा के मद्देनजर निचले क्षेत्रों, जलभराव वाले स्थानों और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों की पहचान कर आवश्यक राहत एवं बचाव व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन से जुड़े दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।कलेक्टर ने बांधों एवं जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए हैं। यदि कहीं जल निकासी की आवश्यकता उत्पन्न होती है, तो संबंधित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते सूचना पहुंचाने तथा जनसुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को अपने क्षेत्रों की तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश
कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें। मौसम संबंधी चेतावनियों को आम नागरिकों तक समय पर पहुंचाने, संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।प्रशासन का उद्देश्य संभावित प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम करना और किसी भी प्रकार की जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाना है। इसके लिए संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने गरियाबंद जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। तेज हवा और बारिश के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा पेड़ों, कमजोर दीवारों, जर्जर भवनों और बिजली के खंभों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े होने से बचें। किसानों से भी आग्रह किया गया है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों और कृषि उपज की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करें तथा मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।प्रशासन ने नागरिकों से किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। संभावित खराब मौसम के मद्देनजर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय पर सूचना, विभागीय समन्वय और आम जनता की सतर्कता से नुकसान की आशंका को कम किया जा सकता है।

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