रायपुर : उरला औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा जरूरतों और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस एवं उद्योग संगठनों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) दीपमाला कश्यप की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में औद्योगिक क्षेत्र को सुरक्षित, तकनीक आधारित और अपराधमुक्त बनाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई।
बैठक में चोरी, नकबजनी और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार, लेबर वेरिफिकेशन, निजी सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटाइजेशन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि आधुनिक तकनीक और पुलिस-उद्योग समन्वय से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
हर एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर लगेंगे CCTV
बैठक में उद्योग संगठनों से अपील की गई कि औद्योगिक क्षेत्र के सभी प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही उन ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां भी कैमरे लगाने पर सहमति बनी, जहां पहले अधिक आपराधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
कॉन्ट्रैक्ट लेबर का होगा अनिवार्य पुलिस सत्यापन
विभिन्न राज्यों से आए श्रमिकों और कॉन्ट्रैक्ट लेबर के अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन पर भी विशेष जोर दिया गया। उद्योगों से कहा गया कि वे विशेष शिविर आयोजित कर सभी कर्मचारियों का सत्यापन कराएं तथा लेबर ठेकेदारों की अद्यतन जानकारी पुलिस के साथ साझा करें।
निजी सुरक्षा गार्ड निभाएंगे अहम भूमिका
बैठक में कंपनियों के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्डों की जिम्मेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। उद्योगों को निर्देश दिया गया कि सुरक्षा गार्डों की नियमित बैठक आयोजित कर उन्हें संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क रहने और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए।
पुलिस उपायुक्त दीपमाला कश्यप ने कहा कि जनसहयोग, तकनीक आधारित निगरानी, प्रभावी लेबर वेरिफिकेशन और मजबूत सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए उरला औद्योगिक क्षेत्र को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाया जा सकता है।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आदित्य पाण्डेय, उरला थाना प्रभारी रोहित मालेकर तथा उरला औद्योगिक क्षेत्र के विभिन्न उद्योग संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

