IG राम गोपाल गर्ग की बड़ी बैठक: ‘प्रोफेशनल पुलिसिंग ही सफलता की पहचान’, अफसरों को दिए सख्त निर्देश

Spread the love

रायगढ़ :  मुख्यमंत्री के रायगढ़ दौरे के सफल समापन के बाद बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राम गोपाल गर्ग ने पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों की समीक्षा बैठक लेकर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नई आपराधिक कानून व्यवस्था के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में आईजी ने कहा कि प्रोफेशनल, तकनीक आधारित और समयबद्ध पुलिसिंग ही एक सफल पुलिस व्यवस्था की पहचान है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए बदलते दौर की चुनौतियों के अनुरूप पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

60 और 90 दिनों में पूरी होगी विवेचना

आईजी राम गोपाल गर्ग ने निर्देश दिए कि 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों की विवेचना 90 दिनों के भीतर, जबकि अन्य सभी मामलों में एफआईआर दर्ज होने के 60 दिनों के भीतर जांच पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। लंबित मामलों की श्रेणीवार समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।

ये भी पढ़े :Ramayana Trailer Out: रणबीर बने मर्यादा पुरुषोत्तम राम, यश के रौद्र रावण ने मचाया तहलका; 4 मिनट में रोंगटे खड़े कर देगा ट्रेलर

संपत्ति अपराधों में तुरंत दर्ज होगी FIR

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि चोरी, लूट और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में किसी भी प्रकार की देरी किए बिना तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। थाना प्रभारी स्वयं प्रत्येक वैधानिक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

डिजिटल पुलिसिंग और ई-साक्ष्य पर विशेष जोर

आईजी ने कहा कि नई आपराधिक कानून व्यवस्था के तहत ई-साक्ष्य, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, CCTNS में समय पर एंट्री, डिजिटल सिग्नेचर और MedLEaPR पोर्टल का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए। साथ ही न्यायालयीन पेशियों में पुलिस कर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

अपराधियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश

उन्होंने चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए ‘सशक्त ऐप’ के अधिकतम उपयोग, आदतन अपराधियों की लगातार निगरानी, जमानत पर छूटे अपराधियों के दोबारा अपराध करने पर उनकी जमानत निरस्त कराने की कार्रवाई और फरार आरोपियों के खिलाफ वारंट प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। एनडीपीएस मामलों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना के लिए अधिकारियों के नियमित प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया।

बैठक में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने भरोसा दिलाया कि रायगढ़ पुलिस सभी निर्देशों का पूरी प्रतिबद्धता के साथ पालन करेगी और अपराध नियंत्रण, तकनीक आधारित पुलिसिंग तथा गुणवत्तापूर्ण विवेचना को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *