गोलू कैवर्त बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन (सीडा) के राज्य पदाधिकारियों ने सोमवार, 03 अगस्त 2026 को स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात कर प्रदेश के शासकीय चिकित्सकों की पदोन्नति, वेतनमान, सेवा शर्तों तथा अन्य लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा की।
1. पदोन्नति एवं भर्ती नियमों में संशोधन
सीडा प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चिकित्सक अधिकारियों की प्रथम पदोन्नति खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ), नोडल अधिकारी अथवा समकक्ष पद पर होनी है। किंतु इन पदों के लिए स्पष्ट भर्ती एवं पदोन्नति नियम नहीं बनाए जाने के कारण चिकित्सकों को प्रथम स्तर की पदोन्नति ही प्राप्त नहीं हो पा रही है।
प्रथम पदोन्नति का मार्ग अवरुद्ध होने के कारण चिकित्सक अधिकारी आगे जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उप संचालक, संयुक्त संचालक एवं संचालक जैसे उच्च प्रशासनिक पदों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। सीडा ने प्रथम स्तर से सर्वोच्च स्तर तक स्पष्ट, क्रमबद्ध एवं समयबद्ध पदोन्नति व्यवस्था बनाने तथा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन की मांग की।
2. सामान्य एवं विशेषज्ञ चिकित्सक संवर्ग के लिए समयबद्ध वेतनमान
सीडा ने केंद्र सरकार तथा बिहार एवं झारखंड जैसे राज्यों की तर्ज पर प्रदेश के सामान्य और विशेषज्ञ चिकित्सक संवर्ग के लिए समयबद्ध वित्तीय उन्नयन लागू करने की मांग रखी।
सामान्य चिकित्सक संवर्ग के लिए—
– 4 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे ₹6,600 के समकक्ष वेतन स्तर
– 9 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे ₹7,600 के समकक्ष वेतन स्तर
– 13 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे ₹8,700 के समकक्ष वेतन स्तर
– 20 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे ₹10,000 के समकक्ष वेतन स्तर
विशेषज्ञ चिकित्सक संवर्ग के लिए—
– 2 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे ₹7,600 के समकक्ष वेतन स्तर
– 6 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे ₹8,700 के समकक्ष वेतन स्तर
– 13 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे ₹10,000 के समकक्ष वेतन स्तर
सीडा ने कहा कि नियमित पदोन्नति के सीमित अवसरों को देखते हुए चिकित्सकों को उनकी सेवा अवधि, योग्यता और जिम्मेदारियों के अनुरूप समयबद्ध वित्तीय प्रगति दी जानी चाहिए।
3. नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस में समानता
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के चिकित्सकों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) दिया जा रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक पदों पर कार्यरत चिकित्सक इस लाभ से वंचित हैं।
सीडा ने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक पदों पर कार्यरत चिकित्सकों, नियमित रूप से आपातकालीन ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों तथा निजी प्रैक्टिस नहीं करने वाले शासकीय चिकित्सकों को भी चिकित्सा शिक्षा विभाग के समान एनपीए अथवा समतुल्य वेतन लाभ प्रदान किया जाए।
4. एडहॉक सेवा की वरिष्ठता
सीडा ने एडहॉक से नियमित हुए चिकित्सकों की वरिष्ठता का मामला भी स्वास्थ्य सचिव के समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय ने शासन को एडहॉक सेवा एवं वरिष्ठता के संबंध में छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
सीडा ने आग्रह किया कि न्यायालयीन आदेश का निर्धारित समय-सीमा में पालन करते हुए बिना सेवा-विराम के एडहॉक से नियमित सेवा में आए चिकित्सकों की वरिष्ठता एवं सेवा लाभों की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति की तिथि से की जाए।
5. स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा सेटअप का पुनरीक्षण
सीडा ने स्वास्थ्य विभाग के वर्तमान चिकित्सा सेटअप के व्यापक पुनरीक्षण की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कम्युनिटी मेडिसिन और फॉरेंसिक मेडिसिन सहित कई विशेषज्ञताओं के लिए वर्तमान चिकित्सा सेटअप में पृथक एवं समुचित कैडर तथा पद संरचना उपलब्ध नहीं है।
इसके कारण विशेषज्ञ चिकित्सकों की योग्यता का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है और उनके कैरियर विकास के अवसर भी सीमित हैं। सीडा ने इन विशेषज्ञताओं के अनुरूप विकासखंड, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर आवश्यक पदों एवं कैडर का सृजन करने की मांग की।
स्वास्थ्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना तथा सभी विषयों पर सकारात्मक एवं सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
सीडा ने आशा व्यक्त की कि राज्य शासन चिकित्सकों की पदोन्नति एवं भर्ती नियमों, समयबद्ध वेतनमान, एनपीए, एडहॉक वरिष्ठता तथा चिकित्सा सेटअप पुनरीक्षण से संबंधित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।उक्ताशय की जानकारी डॉ. अंजन सिंह चौहान कार्यवाहक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन (सीडा) ने बताया है।

