सोढूंर को छोड़ धमतरी जिले के तीन जलाशय लबालब होने के कगार पर, गंगरेल से छोड़ा जा रहा पानी

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आरंग :  धमतरी जिले के अंतर्गत आने वाले जलाशयों के कैचमेंट एरिया में बीते दिनों से जारी भारी बारिश के चलते गंगरेल, मुरूमसिल्ली और दुधावा जलाशय लबालब होने के कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं सोढूंर जलाशय में अभी करीब एक चौथाई से अधिक जलभराव की गुंजाइश बनी हुई है। गंगरेल में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए बांध की सुरक्षा के मद्देनजर गंगरेल के गेट खोलकर करीब 4 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 2 हजार क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर तथा 2 हजार क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के मद्देनजर नदी किनारे बसे ग्रामों के लिए एहतियातन अलर्ट भी जारी किया गया है।

जानकारी के अनुसार 2 सितंबर मंगलवार की सुबह 8 बजे की स्थिति में गंगरेल जलाशय 96.17 प्रतिशत भर चुका था और यहां 4342 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई थी। इसी तरह मुरूमसिल्ली जलाशय 98.49 प्रतिशत भर चुका था तथा इसमें 745 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। दुधावा जलाशय 83.56 प्रतिशत भर चुका था और यहां 1178 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। इसके विपरीत सोढूंर जलाशय में 69.25 प्रतिशत जलभराव था और यहां पानी की आवक महज 167 क्यूसेक रही।

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गंगरेल से ओवरफ्लो बंद होने की स्थिति में समीक्षा की मांग

लगातार हो रही बारिश के चलते फिलहाल खेतों में सिंचाई पानी की विशेष आवश्यकता नहीं है। हालांकि गंगरेल की सुरक्षा के दृष्टिकोण से ओवरफ्लो पानी को महानदी मुख्य नहर में छोड़ा जाना उन अपवादस्वरूप किसानों के लिए लाभकारी माना जा रहा है, जिन्हें बारिश के बीच भी सिंचाई पानी की आवश्यकता महसूस हो रही है।

बंगोली सिंचाई उपसंभाग के अधीन आने वाले जल उपभोक्ता संघों के पूर्व अध्यक्ष थानसिंह साहू, हिरेश चंद्राकर, मनमोहन गुप्ता, गोविंद चंद्राकर, धनीराम साहू, चिंताराम वर्मा, भारतेन्दु साहू, प्रहलाद चंद्राकर, तुलाराम चंद्राकर एवं भूपेंद्र शर्मा ने मांग की है कि गंगरेल से ओवरफ्लो की स्थिति समाप्त होने के बाद मौसम की परिस्थितियों की समीक्षा की जाए और उसके बाद ही सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के दौरान यदि खेतों को सिंचाई पानी की आवश्यकता नहीं है और इसके बावजूद नहरों में पानी छोड़ा जाता है तो पानी व्यर्थ नदी-नालों में बह सकता है। इसलिए मौसम और जलभराव की स्थिति को देखते हुए पानी छोड़ने का निर्णय लिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही जल उपभोक्ता संघों के पदाधिकारियों ने बंगोली सिंचाई उपसंभाग के कार्यक्षेत्र में पदस्थ उप अभियंताओं की रोजाना फील्ड में उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग भी की है। उन्होंने इस संबंध में अधीक्षण अभियंता एस.के. साहू से आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की है।

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