गोलू कैवर्त रायपुर/बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार निरन्तर किसानों गरीबों बेसहारों की चिंता करते हुए जनहितकारी योजनाओं सहित धरातल पर लगातार अच्छे कार्यों की सरोकार करते हुए सार्थक पहल करते हुए आ रहा है लेकिन कुछ लोग सरकार की छवि खराब करने के उद्देश्य से बदमाशी करने में लगे हुए हैं।एक ताजा उदाहरण जिला केंद्रीय सहकारिता शाखा लवन अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बरदा में शासन प्रशासन के निर्देश पर पूरे छत्तीसगढ़ के सभी कृषि समितियों की तरह विधिवत निर्धारित समय में पंजीयन निर्धारित तिथि तक धान की खरीदी किये जाने का निर्देश जारी हुआ था।जिसका पालन सभी जगहों पर दिखा लेकिन बरदा कृषि साख सहकारी समिति में निर्धारित तिथि तक ख़रीदी एवं स्टॉक शून्य होने के बाद अगले दिन 2 से 3 मई के आसपास मालवाहक वाहन माजदा क्रमांक सीजी04 ,जे ए 7625 में बिना परमिशन बिना शासन प्रशासन के स्वीकृति बिना संभावित सैकड़ों बोरी धान की अवैध परिवहन अतिरिक्त कमाई के नियत से सप्लाई किये जाने की खबर उन दिनों कई अखबारों में प्रकाशित हुआ था।जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आते हुए जांच टीम गठित किये गए थे।जांच टीम विवेचना में लवन में पदस्थ पर्यवेक्षक लक्की के साथ विभाग के अन्य अधिकारी पहुंचे हुए थे।
जांचकर्ताओं एवं पंचनामा कर्ता लक्की का कहना है कि मामले की अखबारों में न्यूज़ छपने के बाद जांच टीम का मैं भी हिस्सा रहा हूँ 25 सौ बोरी धान की अवैध परिवहन का रिपोर्ट बनाकर उमेश गुप्ता सहायक उपआयुक्त विपणन संघ पंजीयक के पास भेज दिया हूँ।अब कार्रवाई कैसे नहीं हुआ अभी तक उच्च अधिकारी ही बता सकते हैं।जांच अधिकारियों के जांच से खुलासा होने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं होना उच्च अधिकारियों द्वारा दोषियों को बचाने की एड़ी चोटी का जोर लगाया गया है तभी आज 3 माह बीत गया है लेकिन कार्रवाई शून्य है।अब सवाल यह भी है कि क्या कोई भी एक बोरी धान खरीदी केंद्र या फड़ से बिना समिति प्रबधंक या प्राधिकृत अधिकारी के अनुमति बिना धान किसी भी मालवाहक गाड़ी में अवैध रूप से परिवहन हो सकता है?यदि नहीं तो जिम्मेदारी का बोझ जिनके कंधों पर रहा होगा वही जिम्मेदार होंगे तो फिर जिम्मेदारो को सरंक्षण देने की क्या वजह हो सकता है?फिलहाल इस मामले में उमेश गुप्ता ने बताया कि कार्रवाई होगी।

