‘हमर पुलिस हमर गांव’ अभियान: बेमेतरा पुलिस ने युवाओं को सिखाए यातायात के नियम, साइबर अपराध और नशे से बचाव के तरीके

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बेमेतरा टेकेश्वर दुबे  : पुलिस अधीक्षक (SP) त्रिलोक बंसल (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव के मार्गदर्शन में जिले भर में सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत “हमर पुलिस हमर बाजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से सतत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण, बाल सुरक्षा, नशा मुक्ति, सायबर अपराध, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों की रोकथाम तथा यातायात नियमों के प्रति आमजन, स्कूली बच्चों एवं विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है।

इसी कड़ी में 18 अगस्त 2026 को “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के अंतर्गत बेमेतरा यातायात पुलिस टीम द्वारा भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान चोरभट्ठी बेमेतरा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यातायात बेमेतरा पुलिस टीम द्वारा भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान चोरभट्ठी बेमेतरा में प्रशिक्षार्थी युवाओं को यातायात नियमों के पालन की जानकारी दी गई तथा यह समझाया गया कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना कानूनन अपराध है। वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना, रजिस्ट्रेशन कार्ड, इंश्योरेंस और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों की अनिवार्यता बताई गई। साथ ही हेलमेट पहनने प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई।

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प्रशिक्षार्थी युवाओं को यह भी समझाया गया कि सड़क पार करते समय सतर्क रहें और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन अथवा अन्य उपकरणों का प्रयोग न करें जिससे ध्यान भटक सकता है। प्रशिक्षार्थी युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने अपील भी की गई, ताकि वे सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें।

प्रशिक्षार्थी युवाओं से संवाद कर बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने से कभी न हिचकिचाएं। सड़क हादसों में घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाने वाले नेक मददगारों (Good Samaritans) को सम्मानित करने हेतु “राह-वीर योजना” संचालित की जा रही है।

योजना का मुख्य उद्देश्य: सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को “गोल्डन ऑवर” (घटना के शुरुआती 1 घंटे) के भीतर समय पर चिकित्सकीय सहायता दिलाकर उनकी जान बचाना। इस योजना में पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि, इनाम (राज्य स्तर): सड़क दुर्घटना में घायल को तुरंत अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुँचाने वाले नेक मददगार को ₹25,000 नगद एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। गोल्डन ऑवर (60 मिनट): दुर्घटना के 60 मिनट के भीतर पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाना अनिवार्य है। दुर्घटना या घायल दिखे तो देर न करें, तुरंत मदद करें और अस्पताल पहुँचाएं। पुलिस या एम्बुलेंस सहायता के लिए तुरंत आपातकालीन सहायता नंबर: 112 सेवा डायल करें।

कार्यक्रम का संचालन यातायात प्रभारी रक्षित निरीक्षक प्रवीण खलखो के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान सउनि जहीर खान, प्रधान आरक्षक दौलत वर्मा, लोकेन्द्र पांडेय, आरक्षक राजेश राजपूत, पारसमणी साहू एवं अन्य पुलिस स्टाफ, उपस्थित रहे।

सभी ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया और यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। यह अभियान जिले के हॉट-बाजारों, स्कूलों और कॉलेजों में निरंतर चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके और सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।

बेमेतरा पुलिस का यह प्रयास जनहित में सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें कानूनी जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है, जिससे जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।

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