बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : प्रदेशवासियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” का प्रदेशव्यापी आयोजन किया जा रहा है। देश की आजादी की भावना से प्रेरित यह अभियान साइबर अपराध के विरुद्ध जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक जागरूकता फैलाने तथा छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल है। अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के उपायों तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों की जानकारी देना है।
“साइबर जागृति अभियान” का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ राजधानी रायपुर में माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री विष्णु देव साय जी एवं माननीय उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री महोदय श्री विजय शर्मा जी द्वारा किया गया। प्रदेश स्तरीय शुभारंभ के साथ ही अभियान को प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तर पर व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज 20 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, एसडीओपी बेरला श्रीमती रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में बेमेतरा पुलिस टीम द्वारा अभियान के प्रथम सप्ताह में डिजिटल सतर्कता एवं बुनियादी साइबर सुरक्षा के संबंध में स्कूल एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को जागरूक किया जा रहा है।
बेमेतरा जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रांतर्गत पुलिस टीम द्वारा थाना खम्हरिया से चंद्रशेखर आजाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला नवागांव कला, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ग्राम खाती, चौकी कंडरका से शासकीय हाई स्कुल हरदी, चौकी देवरबीजा से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तेंदुआ नयापारा, थाना नांदघाट से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेमरी, थाना बेरला से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पतोरा, थाना नवागढ से सरस्वती शिशु मंदिर नवागढ, थाना चंदनू से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मउ, चौकी खंडसरा से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लावातरा में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत जिला पुलिस बेमेतरा द्वारा अभियान के प्रथम सप्ताह में छात्र-छात्राओं पर विशेष फोकस करते हुए उक्त विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरों से बचाने तथा शुरुआती स्तर से ही साइबर सुरक्षा की समझ विकसित करने के उद्देश्य से डिजिटल साक्षर बनाया और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
बेमेतरा पुलिस टीम ने विद्यार्थियों एवं नागरिकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट को मजबूत पासवर्ड एवं टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित रखने, अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट एवं संदिग्ध प्रोफाइल से सावधान रहने तथा निजी फोटो, दस्तावेज एवं व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से UPI एवं ऑनलाइन बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई तथा किसी भी प्रकार के संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन में तत्काल सावधानी बरतने की समझाइश दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी लिंक एवं QR Code, सोशल मीडिया फ्रॉड, OTP फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड तथा निवेश के नाम पर होने वाले साइबर अपराधों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पने का प्रयास करते हैं, इसलिए किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।
बेमेतरा पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। साथ ही संबंधित बैंक अथवा वित्तीय संस्था को तत्काल सूचना देने की सलाह दी गई, ताकि समय रहते खाते एवं लेनदेन को सुरक्षित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के लिंक अथवा QR Code के माध्यम से सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने तथा अधिक से अधिक लोगों तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाने की अपील की गई। जागरूक बनें, सुरक्षित रहें और कम से कम 5 -10 अन्य लोगों को भी जागरूक करें।
बेमेतरा पुलिस की अपील – “डिजिटल सुविधा के साथ डिजिटल सावधानी भी जरूरी है।” ऑनलाइन दुनिया में किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अनजान कॉल, मैसेज, लिंक एवं सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहें तथा अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
इस अवसर पर थाना प्रभारी खम्हरिया निरीक्षक सत्य प्रकाश उपाध्याय, थाना प्रभारी नांदघाट निरीक्षक लेखराम ठाकुर, थाना प्रभारी नवागढ उप निरीक्षक भुनेश्वर यादव, थाना प्रभारी बेरला उप निरीक्षक राजकुमार साहू, थाना प्रभारी चंदनू उप निरीक्षक द्वावारिका प्रसाद देशलहरे, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सुरेश चौहान, कल्पना महंत, चौकी प्रभारी खण्डसरा सहायक उप निरीक्षक कवल सिंह नेताम, सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार ध्रुर्वे, मोहन साहू, कृष्ण कुमार क्षत्रिय, प्रधान आरक्षक पोषण साहू, अवधेश सिंह राजपूत, नरेन्द्र ठाकुर, राजीव शर्मा, विक्रम सिंह रघुनाथ नेताम, रविंद तिवारी, आरक्षक बलदेव निषाद, रवि साहू, ओंकार निर्मलकर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

