रायपुर : छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। कीट विज्ञान के पेपर के बाद अब प्लांट पैथोलॉजी का पेपर लीक होने का भी खुलासा हुआ है। इस मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस ने दूसरी FIR दर्ज की है।

जानकारी के मुताबिक प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा 7 अगस्त को आयोजित हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि प्रोफेसर ने प्लांट पैथोलॉजी का पेपर छात्रों मोहम्मद सोमान और अजय नायक को बेचा था। आरोप है कि पेपर के बदले 10 हजार रुपये लिए गए थे।
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सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा होगा दोनों पेपर
मामला सामने आने के बाद IGKV प्रबंधन ने कीट विज्ञान के पेपर के साथ ही प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा भी निरस्त कर दी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने फैसला लिया है कि रद्द किए गए दोनों पेपर दोबारा आयोजित किए जाएंगे। 20 अगस्त का बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष एंटोमोलॉजी और 7 अगस्त का बीएससी कृषि प्रथम वर्ष प्लांट पैथोलॉजी पेपर सितंबर के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा।
अब तक प्रोफेसर समेत कुल 6 आरोपी गिरफ्तार
पेपर लीक मामले में पुलिस अब तक प्रोफेसर समेत कुल 6 आरोपियों दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38), अजय नायक (20), त्रिदेव पटेल (22), नितिन पांडेय (22), अनुज मिंज (22) और आदित्य साहू (20) को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी FIR दर्ज होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि लीक हुए पेपर को कितने छात्रों तक पहुंचाया गया और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल तेलीबांधा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पेपर लीक से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाला जा रहा है।




