रायपुर में साइबर ठगी का नया तरीका: फेसबुक पर विज्ञापन, ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा और 23.50 लाख साफ

Spread the love

अमलीडीह के ठेकेदार ने तीन महीने तक अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए पैसे, मुनाफा मांगने पर टालमटोल से खुला ठगी का राज

रायपुर :  डिजिटल दुनिया में दिखने वाली हर चीज सच हो, यह जरूरी नहीं। राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर दिखाए गए ऑनलाइन ट्रेडिंग के एक विज्ञापन ने एक ठेकेदार को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। रोजाना करीब 5 हजार रुपये मुनाफे का लालच देकर आरोपियों ने तीन महीने के भीतर ठेकेदार से अलग-अलग किश्तों में 23 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।

मुनाफे की रकम वापस मांगने पर जब लगातार टालमटोल होने लगी, तब पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक पर दिखा ट्रेडिंग का विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक, अमलीडीह के शिवम विहार निवासी समीर सिंह ठेकेदारी का काम करते हैं। शिकायत के अनुसार, उन्होंने फेसबुक पर ECN Trading से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का दावा किया गया था।

विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद कथित तौर पर आरोपियों ने समीर को ऑनलाइन ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि महज 20 हजार रुपये निवेश करने पर प्रतिदिन करीब 5 हजार रुपये तक रिटर्न हासिल किया जा सकता है।

ज्यादा मुनाफे के इस लालच में समीर आरोपियों के संपर्क में आ गए।

पहले रजिस्ट्रेशन, फिर निवेश के नाम पर मांगते रहे रकम

शिकायत के अनुसार, बातचीत के बाद आरोपियों ने पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर रकम जमा कराने को कहा। इसके बाद ट्रेडिंग में निवेश और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए।

आरोपियों के बताए खातों में समीर ने करीब तीन महीने तक लगातार रकम ट्रांसफर की। इस दौरान अलग-अलग चरणों में कुल 23 लाख 50 हजार रुपये जमा करा दिए गए।

ये भी पढ़े :श्रीलंका को रौंदकर 8वीं बार चैंपियन बनीं भारतीय बेटियां, PM मोदी और अमित शाह ने दी बधाई

भारी रकम निवेश करने के बाद समीर मुनाफे की रकम मिलने का इंतजार करते रहे।

मुनाफा मांगा तो शुरू हुआ बहानों का दौर

जब काफी समय बीतने के बाद समीर ने अपने मुनाफे की रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर कंपनी से जुड़े लोग अलग-अलग बहाने बनाने लगे। रकम लौटाने के बजाय उन्हें लगातार टालते रहे।

लंबे समय तक इंतजार के बाद भी न तो मुनाफे की रकम मिली और न ही निवेश की गई राशि वापस हुई। इसके बाद समीर को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच में जुटी पुलिस

ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने न्यू राजेंद्र नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान पुलिस उन बैंक खातों की पड़ताल कर रही है, जिनमें ठेकेदार से रकम ट्रांसफर कराई गई, साथ ही आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *