हेल्थ डेस्क : लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर में कई जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है और खून से विभिन्न पदार्थों को प्रोसेस करने का काम करता है। ऐसे में लिवर को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है।
लिवर को ‘डिटॉक्स’ करने के नाम पर बाजार में कई तरह के सप्लीमेंट्स और जूस उपलब्ध हैं, जिन पर लोग काफी पैसा खर्च करते हैं। हालांकि, शरीर का लिवर खुद ही डिटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में संतुलित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक, रोजमर्रा की डाइट में कुछ सामान्य खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है। उन्होंने लौकी, जीरा और नींबू के सेवन के कुछ तरीके बताए हैं।
1. लौकी का जूस
लौकी पानी और पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी है। डॉक्टर के अनुसार, इसे डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। लौकी का सेवन करने के लिए कुछ टुकड़ों को पानी के साथ पीसकर जूस तैयार किया जा सकता है।
हालांकि, कड़वी लौकी का जूस बिल्कुल न पिएं, क्योंकि इसमें जहरीले यौगिक हो सकते हैं और इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। किसी भी तरह की बीमारी या लिवर संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
2. जीरा पानी
जीरा भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाता है और इसका इस्तेमाल लंबे समय से पाचन संबंधी समस्याओं में किया जाता रहा है। जीरे का पानी भी कई लोग सुबह के समय लेते हैं।
इसे बनाने के लिए लगभग आधा चम्मच जीरा रातभर एक गिलास पानी में भिगोकर रखा जा सकता है। सुबह पानी को उबालकर हल्का गुनगुना होने पर पिया जा सकता है। हालांकि, इसे लिवर की बीमारी का इलाज या निश्चित ‘डिटॉक्स’ उपाय नहीं माना जाना चाहिए।
3. नींबू पानी
नींबू विटामिन सी का अच्छा स्रोत है और इसे पानी में मिलाकर पीना शरीर में पर्याप्त तरल बनाए रखने का आसान तरीका है। सुबह हल्के गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पी सकते हैं।
नींबू पानी को लिवर की सफाई का कोई चमत्कारी उपाय नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार लेना समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
लिवर की सेहत केवल किसी एक जूस या घरेलू नुस्खे पर निर्भर नहीं करती। इसके लिए शराब से दूरी, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ वजन बनाए रखना और अनावश्यक सप्लीमेंट्स या दवाओं से बचना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अगर आपको फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या लिवर से जुड़ी कोई बीमारी है, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।




