रसेला में 48 घंटे से अंधेरा, परीक्षा के बीच बेहाल विद्यार्थी 48 घंटे से अंधेरे में रसेला! बारिश हुई तो बिजली गई, दो दिन बाद भी नहीं लौटी व्यवस्था

Spread the love

त्रैमासिक परीक्षा के बीच छात्र-छात्राएं परेशान, पानी से लेकर पढ़ाई तक प्रभावित; गर्मी-मच्छरों ने बढ़ाई मुसीबत, विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/छुरा : बारिश के साथ बिजली गुल होना और फिर घंटों नहीं, बल्कि करीब 48 घंटे तक विद्युत व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटना रसेला क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हुई, जिसके बाद बुधवार को दिनभर खराबी दूर करने की कवायद चलती रही। इस दौरान बिजली कुछ मिनट के लिए आती और फिर बंद हो जाती रही। बुधवार शाम करीब 7 बजे हल्की बारिश के बाद एक बार फिर बिजली गुल हो गई। लगातार जारी इस अव्यवस्था से अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।

बिजली गुल, पानी बंद—रोजमर्रा की जिंदगी बेहाल
लगातार विद्युत आपूर्ति बाधित रहने का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा है। बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिसके चलते पीने, नहाने और घरेलू उपयोग के पानी की समस्या खड़ी हो गई है। रात में गर्मी और मच्छरों के बीच लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। व्यापारी भी विद्युत व्यवस्था बाधित रहने से प्रभावित हैं।लोगों का सवाल है कि यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है तो लगभग 48 घंटे बाद भी उसका स्थायी समाधान क्यों नहीं हो सका? बारिश के बाद विद्युत व्यवस्था चरमराना और मामूली बारिश में दोबारा बिजली बंद हो जाना व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

ये भी पढ़े  :‘सूत न कपास, जुलाहे से लट्ठम-लट्ठ’, कांग्रेस के CM फेस पर अजय चंद्राकर का तंज; शुक्ला ने दिया पलटवार

परीक्षा दे रहे बच्चों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल
सबसे गंभीर असर इन दिनों त्रैमासिक परीक्षा दे रहे स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। परीक्षा के बीच बिजली गुल होने से बच्चे रात में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। घरों में रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। वहीं गर्मी और मच्छरों के कारण बच्चों की नींद भी प्रभावित हो रही है।सुबह परीक्षा देने के लिए तैयार होने के दौरान पानी की समस्या अलग परेशानी बन रही है। पालकों का कहना है कि बच्चों के भविष्य और परीक्षा की तैयारी के महत्वपूर्ण समय में इस तरह की लंबी बिजली कटौती चिंता का विषय है।

उपभोक्ताओं में आक्रोश, अब जवाबदेही की मांग
लगातार बिजली बंद रहने से स्कूली बच्चों के पालक, व्यापारी और आम उपभोक्ता नाराज हैं। लोगों का कहना है कि बारिश और तकनीकी खराबी स्वाभाविक कारण हो सकते हैं, लेकिन समस्या का समय पर समाधान करना विद्युत व्यवस्था की जिम्मेदारी है।अब सवाल केवल बिजली आने का नहीं, बल्कि यह भी है कि बारिश के बाद हर बार विद्युत व्यवस्था क्यों लड़खड़ा जाती है और खराबी दूर करने में इतना लंबा समय क्यों लगता है? उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग से समस्या का स्थायी समाधान करने और क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी नजर
रसेला क्षेत्र की लगातार बिगड़ती विद्युत व्यवस्था को लेकर अब लोगों की निगाहें विद्युत विभाग के साथ-साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर भी टिकी हैं। देखना होगा कि लगभग 48 घंटे से परेशान उपभोक्ताओं की आवाज कब सुनी जाती है और विद्युत व्यवस्था कब तक सामान्य होती है।
फिलहाल बारिश थम गई, लेकिन रसेला में बिजली की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। परीक्षा के बीच अंधेरे में पढ़ने को मजबूर विद्यार्थियों और पानी के लिए परेशान परिवारों के बीच अब एक ही सवाल है—आखिर बिजली व्यवस्था कब सुधरेगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *