प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मुस्तैदी से बची चार लोगों और एक बेजुबान की जान

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उफनती महानदी, घनघोर अंधेरा और बाढ़ के बीच चला साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन — जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विमल साहू ने स्वयं नाव में बैठकर संभाली कमान

गोलू कैवर्त रायपुर बलौदाबाजार: लगातार हो रही भारी बारिश और महानदी के बढ़े जलस्तर के बीच ग्राम तुरमा में बाढ़ में फंसे चार लोगों को प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, एसडीआरएफ एवं ग्रामीणों की संयुक्त मुस्तैदी से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। घनघोर अंधेरा, उफनती महानदी, खेतों और झाड़ियों से होकर गुजरने वाले बेहद चुनौतीपूर्ण रास्ते के बावजूद रेस्क्यू टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर चार लोगों एवं उनके साथ मौजूद एक कुत्ते को सुरक्षित बाहर निकाला। इस साहसिक और मानवीय रेस्क्यू अभियान की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।बाढ़ की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही प्रशासन और जनप्रतिनिधि पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए। प्रशासन की ओर से लवन तहसीलदार पेखन तोन्डरे, लवन थाना प्रभारी अश्वनी सिन्हा एवं उनकी टीम, कोतवाली बलौदाबाजार थाना प्रभारी लखेश केवट एवं उनकी टीम, पटवारी तुलसीराम बर्मन, पटवारी मोहनलाल सिन्हा, नगर सैनिक दल तथा एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला।

रेस्क्यू स्थल तक पहुंचना भी अपने आप में बड़ी चुनौती थी। हरदी नाला भी बाढ़ के पानी से उफन रहा था, जिसके कारण प्रशासनिक टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने स्थानीय संसाधनों की मदद से प्रशासनिक एवं बचाव दल को हरदी नाला पार करवाया। नाला पार करने के बाद टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

रात के अंधेरे में नाव लेकर निकले विमल साहू
रेस्क्यू अभियान के दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विमल साहू ने जनप्रतिनिधि होने की जिम्मेदारी को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वयं रेस्क्यू टीम का हिस्सा बनकर मैदान में उतर गए। उन्होंने रात के घनघोर अंधेरे में रेस्क्यू नाव में बैठकर सघन सर्च अभियान में भाग लिया और पूरी टीम के साथ लगातार आगे बढ़ते हुए अभियान को लीड किया।ग्राम तुरमा विमल साहू का गृह ग्राम भी है। ऐसे में गांव के चार लोगों के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।

रेस्क्यू टीम को मिठाई विश्वकर्मा, उर्मिला विश्वकर्मा, जवाहर विश्वकर्मा एवं मंजू विश्वकर्मा के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी थी। चारों ओर पानी, उफनती महानदी, घनघोर अंधेरा और बीच-बीच में घनी झाड़ियां एवं खेतों के कारण रेस्क्यू बेहद जोखिम भरा था। इसके बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं हारी।
काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम बाढ़ के बीच फंसे चारों लोगों तक पहुंची। उनके साथ एक कुत्ता भी फंसा हुआ था, जिसे भी टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान बचाव दल के सदस्यों ने अपने जीवन की परवाह किए बिना अदम्य साहस और मानवता का परिचय दिया।

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ग्रामीणों ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरे रेस्क्यू अभियान में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ ग्राम तुरमा के ग्रामीणों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। गांव के सभी पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा संगठन के सदस्य एवं ग्रामवासियों ने बचाव दल को हर संभव सहयोग प्रदान किया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और रेस्क्यू टीम के लिए आवश्यक स्थानीय जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ कठिन रास्तों और बाढ़ की स्थिति में टीम का मार्गदर्शन किया। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के कारण रेस्क्यू अभियान सफल हो सका।

प्रशासन की तत्परता की हो रही सराहना
भारी बारिश और बाढ़ की विषम परिस्थितियों में प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल, नगर सैनिक और एसडीआरएफ की टीम तत्काल सक्रिय हुई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद घटनास्थल तक पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

लवन तहसीलदार पेखन तोन्डरे, लवन टीआई अश्वनी सिन्हा एवं उनकी टीम, कोतवाली बलौदाबाजार टी.आई लखेश केवट एंड उनकी टीम, पटवारी तुलसीराम बर्मन, पटवारी मोहनलाल सिन्हा, नगर सैनिक दल तथा एसडीआरएफ की टीम ने समन्वित रूप से अभियान को अंजाम दिया। सभी ने विपरीत परिस्थितियों में जिस तत्परता और साहस के साथ कार्य किया, वह प्रशंसनीय है।

चारों गांवों में बाढ़ का संकट, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
लगातार हो रही बारिश और महानदी के बढ़े जलस्तर के कारण ग्राम तुरमा, हरदी, अमलडीहा और पाहांदा चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ की स्थिति के कारण बच्चों के स्कूल जाने में भी परेशानी हो रही है।वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन इन सभी गांवों को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय करने की तैयारी रखी गई है।

पीड़ित परिवार ने जताया आभार
सकुशल रेस्क्यू किए गए चारों लोगों के परिवारजनों ने इस पूरे अभियान में सहयोग करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस जवानों, एसडीआरएफ, नगर सैनिक दल, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।पीड़ित परिवार ने कहा कि जिस कठिन परिस्थिति में प्रशासन और पूरी रेस्क्यू टीम उनके अपनों तक पहुंची, वह उनके लिए जीवनभर याद रहने वाला क्षण है। उन्होंने सभी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद के कारण उनके परिवार के चार सदस्यों का जीवन बच सका।

जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का अनुकरणीय उदाहरण
इस पूरे घटनाक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विमल साहू द्वारा स्वयं रेस्क्यू टीम का हिस्सा बनकर रात के अंधेरे में नाव से सघन सर्च अभियान में शामिल होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का वास्तविक दायित्व केवल लोगों की समस्याएं सुनना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़े रहना भी है और विमल साहू ने स्वयं रेस्क्यू अभियान में शामिल होकर इस जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, एसडीआरएफ, नगर सैनिक दल, जनप्रतिनिधियों तथा पूरे रेस्क्यू दल के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जब शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है।चार लोगों और एक बेजुबान की सुरक्षित जिंदगी बचाने वाला यह रेस्क्यू अभियान न केवल प्रशासनिक तत्परता की मिसाल बना, बल्कि मानवता, साहस, जनसेवा और सामूहिक सहयोग की एक प्रेरणादायी तस्वीर भी सामने लेकर आया है।

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