रायपुर : SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच कथावाचक आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने रायपुर में अपनी प्रतिक्रिया दी। रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने SIR, EVM, वोटिंग बूथ, मंदिरों में VIP दर्शन, राजनीति और धर्म, गौ राष्ट्र की मांग तथा Gen Z के आंदोलनों सहित कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि जब दो पक्ष होते हैं तो हारने वाला कुछ न कुछ कहता रहता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर नेता कई बार वोटिंग मशीन, वोटिंग बूथ या EVM में खराबी की बात करते हैं।
PM मोदी को लेकर भी दिया बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि वे लंबे समय से देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने अपने आध्यात्मिक दृष्टिकोण से कहा कि यदि कोई व्यक्ति इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री के पद पर बना हुआ है तो प्रकृति ने उसे स्वीकार किया है।
यह टिप्पणी उन्होंने SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में की।
मंदिरों में VIP दर्शन पर क्या बोले?
मंदिरों में VIP दर्शन की व्यवस्था को लेकर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि तिरुपति बालाजी में VVIP लोगों को भी दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ता है। उनके मुताबिक अन्य मंदिरों में भी इसी तरह की व्यवस्था पर विचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी कई स्थानों पर आम श्रद्धालुओं के बीच खड़े होकर दर्शन करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मौजूदगी से भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका हो तो उसके लिए अलग दर्शन व्यवस्था की जा सकती है।
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‘राजनीति में धर्म हो, धर्म में राजनीति नहीं’
राजनीति में धर्म के प्रवेश को लेकर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि राजनीति में धर्म होना चाहिए, लेकिन धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीति बिना धर्म के नहीं चल सकती, जबकि धर्म राजनीति के बिना भी चल सकता है। उनके मुताबिक कई बार राजनीतिक हितों के लिए धर्म का इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि इससे राजनीतिक लाभ भले मिल सकता है, लेकिन ऐसा किया जाना उचित नहीं है।
कथा और धार्मिक आयोजनों में राजनेताओं की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी उन्होंने कहा कि कई बार राजनेता कथा के भाव को अपने राजनीतिक हित से जोड़ने की कोशिश करते हैं, जो उचित नहीं है।
गौ राष्ट्र की मांग पर बोले- ‘संत लगातार बोल रहे हैं’
गौ राष्ट्र बनाए जाने की मांग पर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि भारत में पहले गाय के गोबर से खाद बनाने की परंपरा थी। उन्होंने गौवंश के संरक्षण को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि गायों को लावारिस मानकर उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि देश में करीब 15 करोड़ गौवंश बचा है और डेढ़ लाख गाय प्रतिदिन काटी जा रही हैं। इन आंकड़ों का उन्होंने स्रोत नहीं बताया। उन्होंने कहा कि संत लगातार इस मुद्दे पर अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन उनकी बात को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
Gen Z के आंदोलन पर 440 वोल्ट का उदाहरण
Gen Z के आंदोलनों को लेकर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि जिन लोगों के पास ज्यादा शक्ति होती है, वे कई बार विवादों में आ जाते हैं। उन्होंने शक्ति के इस्तेमाल को लेकर 440 वोल्ट बिजली का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि बिजली का उपयोग बल्ब जलाकर प्रकाश करने के लिए किया जाना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए। उन्होंने Gen Z के आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दौरान राम मंदिर और सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी सामने आईं।
उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का भी जिक्र किया और कहा कि जब किसी व्यक्ति के पास जरूरत से ज्यादा ‘पावर’ आ जाती है तो वह अपना संयम खो सकता है और कुछ भी बोलने लगता है।




