बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” का आज गांधी जयंती के अवसर पर बेमेतरा पुलिस द्वारा समापन किया गया। इस अवसर पर पुलिस कंट्रोल रूम बेमेतरा परिसर में कार्यक्रम आयोजित कर “साइबर मुक्त छत्तीसगढ़” का संकल्प लिया गया।
पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित समापन कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव ने साइबर अपराधों की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बाइक हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बाइक हेलमेट रैली पुलिस कंट्रोल रूम बेमेतरा से प्रारंभ होकर सिग्नल चौक, रेस्ट हाउस चौक, मोहभट्ठा रोड, भारत माता चौक, बस स्टैंड, चौपाटी, जय स्तंभ चौक, सदर बाजार, गौरवपथ रोड, कर्मा माता चौक, गस्ती चौक होते हुए पुनः सिग्नल चौक से पुलिस कंट्रोल रूम परिसर पहुंची। रैली के दौरान विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों एवं मोहभट्ठा रोड, भारत माता चौक, कर्मा माता चौक एवं सिग्नल चौक पर आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति सतर्क रहने तथा दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सुरक्षित एवं संयमित गति से वाहन चलाने का संदेश दिया गया।
सात सप्ताह तक विभिन्न विषयों पर चलाया गया जागरूकता अभियान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव ने बताया कि साइबर जागृति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बेमेतरा पुलिस द्वारा जिले के थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल-कॉलेज, ग्राम, हाट-बाजार, बैंक, आईटीआई, कौशल विकास केंद्र, शासकीय संस्थान, आवासीय कॉलोनियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से आम नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान सात सप्ताह में अलग-अलग विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए—
पहला सप्ताह: स्कूल एवं कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और बुनियादी साइबर सुरक्षा।
दूसरा सप्ताह: बैंक एवं वित्तीय संस्थानों में वित्तीय धोखाधड़ी एवं UPI सुरक्षा।
तीसरा सप्ताह: वरिष्ठ नागरिकों के बीच डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल के संबंध में जागरूकता।
चौथा सप्ताह: महिला कॉलेजों एवं सामुदायिक समूहों में स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सुरक्षित ब्राउजिंग।
पांचवां सप्ताह: रोजगार कार्यालय, आईटीआई एवं कौशल विकास केंद्रों में जॉब फ्रॉड एवं फिशिंग से बचाव।
छठवां सप्ताह: डेटा प्राइवेसी एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जागरूकता।
सातवां सप्ताह: ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर “साइबर मुक्त छत्तीसगढ़” संकल्प अभियान।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूक करते हुए बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के व्हाट्सऐप कॉल या वीडियो कॉल पर विश्वास न करें। अज्ञात एवं संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें तथा OTP, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड एवं अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें। फेसबुक एवं इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड किसी से साझा न करें तथा प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग सुरक्षित रखें।
एएसपी डॉ. हरीश यादव ने आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने तथा सुरक्षित एवं संयमित गति से वाहन चलाने का भी आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का ने कहा कि कोई भी व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो सकता है। उन्होंने नागरिकों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति फोन पर बैंक अधिकारी बनकर बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगे तो ऐसी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि बैंक इस प्रकार से संवेदनशील जानकारी नहीं मांगते। किसी भी प्रकार की शंका होने पर तत्काल संबंधित बैंक से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की थोड़ी सी सजगता कई गंभीर साइबर अपराधों से बचा सकती है।
पोस्टर-बैनर, QR कोड एवं सोशल मीडिया के माध्यम से भी किया गया प्रचार
जिला पुलिस टीमों एवं स्थानीय थाना-चौकी स्टाफ द्वारा सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्क एवं बाजारों में पोस्टर-बैनर के माध्यम से साइबर जागरूकता संदेश एवं QR Code का प्रचार-प्रसार किया गया। इसके साथ ही राज्य एवं जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल तथा व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से साइबर जागृति अभियान की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई गई।
बेमेतरा पुलिस द्वारा अभियान के दौरान जिले के विभिन्न महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्रामों, आवासीय कॉलोनियों, हाट-बाजारों, बैंकों, आईटीआई, कौशल विकास केंद्रों एवं शासकीय संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बड़ी संख्या में नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
“मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं” का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को “मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं” का संकल्प दिलाया गया। साथ ही सभी से अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
बेमेतरा पुलिस ने कहा कि साइबर जागरूकता संबंधी कार्यक्रम अभियान के समापन के बाद भी सामुदायिक पुलिसिंग के तहत गांव-गांव, स्कूल-कॉलेज एवं हाट-बाजारों में निरंतर जारी रहेंगे।
समापन कार्यक्रम के दौरान श्री अरिहंत टीवीएस बेमेतरा एवं आँचल मीडिया नेक्सस के प्रतिनिधिगण का सहयोग रहा।
इस अवसर पर एसडीओपी बेमेतरा श्री भुषण एक्का, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली बेमेतरा निरीक्षक सोनल ग्वाला, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, निरीक्षक चंद्रदेव वर्मा, प्रशिक्षु सूबेदार चुमन उर्वशा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक निधि गुप्ता, सुरज प्रकाश, सुरेन्द्र कुमार, विजयेन्द्र कुमार, सहायक उप निरीक्षक जहीर खान, शंकर लाल सोनवानी, विष्णु सप्रे सहित यातायात, रक्षित केंद्र, पुलिस कार्यालय, न्यायालय, सिटी कोतवाली, साइबर सेल एवं विभिन्न शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




