दुर्ग : भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के स्क्रैप चोरी मामले की जांच में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बार कार्रवाई चोरी के लोहे की कथित खरीद और खपत से जुड़े रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा के दो डायरेक्टरों के खिलाफ की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद गर्ग और मोहित गर्ग के रूप में बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप को रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के औद्योगिक परिसर में खपाए जाने से जुड़े तथ्य सामने आए। इसके बाद दोनों डायरेक्टरों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी
पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में दर्ज बीएसपी स्क्रैप चोरी प्रकरण में इससे पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस के अनुसार अब तक कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले में स्क्रैप कारोबारी और मुख्य आरोपी बताए गए संजय सिंह तथा भाजपा नेता भास्कर मुदलियार समेत पांच आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं। वहीं हिमांशु खंडेलवाल और गिरीश खंडेलवाल को अग्रिम जमानत मिलने की जानकारी है।
चोरी के स्क्रैप की खरीद पर उठ रहे थे सवाल
मामले की जांच के दौरान चोरी किए गए लोहे को खरीदने और आगे औद्योगिक संस्थानों में खपाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे थे। अब पुलिस ने जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर खरीद और खपत से जुड़े पक्ष पर कार्रवाई की है।
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण से चोरी के स्क्रैप को औद्योगिक संस्थान तक पहुंचाए जाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
26 मई को सामने आया था मामला
यह पूरा मामला 26 मई 2026 को पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में सामने आया था। अकलोरडीही खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स से पुलिस ने करीब 90 लाख रुपये कीमत का लोहे का स्क्रैप बरामद करने की जानकारी दी थी।
इसके अलावा पुलिस ने करीब 2 करोड़ रुपये कीमत के हाइवा, क्रेन सहित अन्य वाहनों को भी जब्त किया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ने के साथ लगातार गिरफ्तारियां होती गईं।
दो डायरेक्टर न्यायिक रिमांड पर
पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी और जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर विनोद गर्ग और मोहित गर्ग की भूमिका की जांच की गई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस की आगे की जांच में स्क्रैप चोरी, उसकी खरीद और औद्योगिक स्तर पर खपत से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।




