1654 शिक्षक पदों की भर्ती पर हाईकोर्ट में चुनौती, कृषि शिक्षकों की योग्यता को लेकर उठे बड़े सवाल

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बिलासपुर :  छत्तीसगढ़ में लोक शिक्षण संचालनालय के अंतर्गत होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा की योग्यता को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में खास तौर पर कृषि शिक्षक पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 2014 की अधिसूचना के मुताबिक कक्षा 11वीं और 12वीं को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक है, जबकि राज्य सरकार ने भर्ती में स्नातक स्तर की योग्यता निर्धारित की है।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य शासन से जवाब तलब किया है।

1654 पदों पर होनी है भर्ती

राज्य शासन के नोटिफिकेशन के अनुसार शिक्षक ई संवर्ग में 868 पद और टी संवर्ग में 786 पद, यानी कुल 1,654 पदों पर भर्ती की जानी है। विज्ञापन में शिक्षक पद के लिए स्नातक के साथ प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में दो वर्षीय डिप्लोमा, अथवा निर्धारित अंकों के साथ स्नातक और बीएड समेत अन्य निर्धारित शैक्षणिक योग्यताएं तय की गई हैं।

अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित पात्रता में कुछ श्रेणियों के तहत 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक एवं बीएड, 50 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक और चार वर्षीय बीएएड/बीएससीएड/बीएएड तथा विशेष शिक्षा में बीएड जैसी योग्यताएं शामिल हैं।

याचिका में मांग की गई है कि कक्षा 11वीं-12वीं में अध्यापन के लिए एनसीटीई के नियमों के अनुरूप स्नातकोत्तर योग्यता को पात्रता में शामिल किया जाए।

किस संभाग में कितने पद?

शिक्षक ई संवर्ग के 868 पदों में रायपुर संभाग में 209, सरगुजा में 40, बिलासपुर में 270 और दुर्ग में 354 पद शामिल हैं।

वहीं टी संवर्ग के 786 पदों में सरगुजा संभाग में 265, बिलासपुर में 130, रायपुर में 56, दुर्ग में 50 और बस्तर में 285 पद हैं।

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विषयवार पदों का भी हुआ निर्धारण

ई संवर्ग में हिंदी के 109, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 319, गणित के 135, सामाजिक विज्ञान के 150 और कृषि के 5 पद निर्धारित किए गए हैं।

इसी तरह टी संवर्ग में हिंदी के 141, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 185, गणित के 115, सामाजिक विज्ञान के 100 और कृषि के 95 पद हैं।

कृषि शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं

भर्ती प्रक्रिया में एक अहम अंतर कृषि शिक्षक पद को लेकर है। सामान्य शिक्षक पद के लिए बीएड के साथ टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य रखा गया है, जबकि कृषि शिक्षक पद के लिए टीईटी की अनिवार्यता नहीं रखी गई है।

निर्देशों के मुताबिक कृषि शिक्षक की पदस्थापना उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में की जाती है। इसी वजह से कृषि शिक्षक पद के लिए बीएड उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है, लेकिन टीईटी को अनिवार्य पात्रता में शामिल नहीं किया गया है।

अभ्यर्थी विज्ञापित पदों में से किसी एक विषय के लिए ही आवेदन कर सकेंगे। अब भर्ती की शैक्षणिक योग्यता को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर राज्य शासन के जवाब के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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