डायबिटीज के मरीज ध्यान दें! वॉक के साथ ये एक्सरसाइज भी हो सकती है फायदेमंद

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डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खानपान और ब्लड शुगर की निगरानी महत्वपूर्ण हैं। पैदल चलना एक आसान और उपयोगी व्यायाम है, लेकिन इसके साथ मांसपेशियों को सक्रिय रखने वाली दूसरी गतिविधियां भी फायदेमंद हो सकती हैं। इसी संदर्भ में इन दिनों ‘लिम्फिंग’ यानी लसीका तंत्र के प्रवाह को सक्रिय रखने की चर्चा की जाती है।

डॉक्टर प्रमोद त्रिपाठी के अनुसार, शरीर की गतिविधियों और कुछ खास व्यायामों के जरिए लसीका प्रवाह को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा सकता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि लिम्फैटिक सर्कुलेशन को सक्रिय करने से डायबिटीज ठीक होने या इंसुलिन रेजिस्टेंस खत्म होने का दावा वैज्ञानिक रूप से स्थापित उपचार का विकल्प नहीं है।

क्या है लिम्फैटिक सर्कुलेशन?

लसीका तंत्र शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है। यह ऊतकों में मौजूद अतिरिक्त तरल को वापस रक्त परिसंचरण में पहुंचाने और शरीर से कुछ अपशिष्ट पदार्थों को हटाने में मदद करता है। रक्त परिसंचरण और लसीका परिसंचरण आपस में जुड़े हैं, लेकिन दोनों की भूमिकाएं अलग-अलग हैं।

चलने, मांसपेशियों के सिकुड़ने और शरीर की नियमित गतिविधियों से लसीका प्रवाह को मदद मिलती है। इसलिए लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय नियमित रूप से उठना, चलना और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना उपयोगी हो सकता है।

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डायबिटीज में केवल वॉक के अलावा क्या करें?

डायबिटीज के प्रबंधन में एरोबिक गतिविधियों के साथ मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम भी महत्वपूर्ण हैं। अपनी उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता के अनुसार इन गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

1. नियमित वॉक और वार्मअप

पैदल चलने से मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। व्यायाम से पहले हल्का वार्मअप करने से शरीर गतिविधि के लिए तैयार होता है।

2. हल्की स्ट्रेचिंग और पीठ की गतिविधियां

अपनी क्षमता के अनुसार पीठ, कंधों और धड़ को धीरे-धीरे आगे-पीछे झुकाने या घुमाने वाले व्यायाम किए जा सकते हैं। इससे लचीलापन और शरीर की गतिशीलता बेहतर हो सकती है। कमर या रीढ़ की समस्या होने पर ऐसे व्यायाम करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

3. सूर्य नमस्कार या चेयर एक्सरसाइज

जो लोग आसानी से जमीन पर बैठ या खड़े नहीं हो सकते, वे अपनी क्षमता के अनुसार कुर्सी पर बैठकर किए जाने वाले व्यायाम चुन सकते हैं। सूर्य नमस्कार भी कुछ लोगों के लिए उपयोगी शारीरिक गतिविधि हो सकता है, लेकिन इसे अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य के अनुरूप ही करें।

4. मालिश और आराम

हल्की मालिश से कुछ लोगों को आराम मिल सकता है। हालांकि, मालिश से इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होने या डायबिटीज ठीक होने का पर्याप्त प्रमाण नहीं है। डायबिटीज के मरीजों को पैरों में संवेदना कम होने, घाव या रक्त प्रवाह की समस्या होने पर मालिश से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

क्या लिम्फिंग से डायबिटीज रिवर्स हो सकती है?

डायबिटीज पर नियंत्रण और बीमारी के रेमिशन में अंतर होता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, वजन प्रबंधन और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार से ब्लड शुगर बेहतर नियंत्रित हो सकती है। कुछ लोगों में टाइप-2 डायबिटीज रेमिशन में भी जा सकती है, लेकिन इसे केवल किसी एक व्यायाम या लसीका प्रवाह बढ़ाने का परिणाम नहीं माना जा सकता।

इसलिए ‘लिम्फिंग’ को डायबिटीज का प्रमाणित इलाज या दवाओं का विकल्प समझना सही नहीं होगा। इंसुलिन या अन्य दवाएं अपने डॉक्टर की सलाह के बिना बंद या कम न करें।

डायबिटीज मरीज इन बातों का रखें ध्यान

नियमित रूप से ब्लड शुगर की निगरानी करें।

डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम और खानपान की योजना बनाएं।

लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें और बीच-बीच में हलचल करते रहें।

पैरों में घाव, सूजन, सुन्नपन या दर्द होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

दवाओं और इंसुलिन में बदलाव केवल डॉक्टर के निर्देश पर करें।

 

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