गरियाबंद : छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत जिले में भी जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। अभियान के दूसरे सप्ताह में 23 से 29 अगस्त 2026 तक वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा को लेकर आम नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के निर्देश पर जिले के विभिन्न बैंकों, एटीएम परिसरों, बैंकिंग सेवा केंद्रों और अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से खाताधारकों एवं आम लोगों को डिजिटल लेनदेन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जा रही है।
UPI फ्रॉड से बचने पुलिस की अहम सलाह
गरियाबंद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि UPI PIN केवल पैसे भेजते समय दर्ज किया जाता है। पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।
इसके अलावा पुलिस ने नागरिकों को OTP, CVV, ATM PIN और बैंकिंग पासवर्ड को पूरी तरह गोपनीय रखने की सलाह दी है। किसी अनजान व्यक्ति के फोन पर ये जानकारी साझा नहीं करने को कहा गया है।
फर्जी लिंक और इनाम के झांसे से रहें सावधान
पुलिस ने नागरिकों को लॉटरी, इनाम, बिजली बिल, KYC अपडेट या अन्य किसी बहाने से भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी है। ऐसे लिंक के जरिए साइबर ठग बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट से जुड़ी जानकारी हासिल कर धोखाधड़ी कर सकते हैं।
पुलिस ने यह भी कहा कि बैंक अधिकारी बनकर आने वाले अनजान कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते, ATM, UPI या अन्य वित्तीय जानकारी साझा करने से बचें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
गरियाबंद पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो वह बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराए। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और आगे की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल लेनदेन में सतर्क रहें और अपने आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करें। ‘साइबर जागृति अभियान’ के माध्यम से जिले में वित्तीय सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन को लेकर जागरूकता गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।




