‘वोट चोरी’ से बनी सरकारें गैरकानूनी, मुख्य चुनाव आयुक्त दें इस्तीफा और गवाह बनें: डॉ. शिवकुमार डहरिया

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मोदी-शाह ने संस्थाओं का दुरुपयोग कर भारत के लोकतंत्र को ‘उत्तर कोरिया मॉडल’ बनाने की साजिश की: डॉ. डहरिया

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष  राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में दिए गए बयानों का पुरजोर समर्थन किया है। डॉ. डहरिया ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पद की गरिमा और संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया है। उन्हें नैतिकता के आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, अपने गुनाह स्वीकार करने चाहिए और इस पूरे ‘वोट चोरी’ कांड में मुख्य गवाह बनना चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि राहुल गांधी ने तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर देश के सामने यह कड़वा सच रख दिया है कि किस तरह 2024 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद हरियाणा व महाराष्ट्र जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों में जनमत का अपहरण किया गया। जब देश भर में भाजपा के खिलाफ जबरदस्त सत्ता-विरोधी लहर थी, तब भी परिणाम उनके पक्ष में आना सिर्फ और सिर्फ ‘वोट चोरी’ का नतीजा है।

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डॉ. डहरिया ने आगे कहा कि वोट देश की नींव है और भारतीय संविधान को ताकत जनता के हर एक वोट से मिलती है। जब वोट ही चुरा लिया जाए, तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाता है। इस प्रक्रिया से सदन में पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि और उनके द्वारा बनाए गए कानून पूरी तरह से गैरकानूनी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संवैधानिक संस्था का इस्तेमाल अपनी सत्ता को बचाए रखने के लिए किया है। दिसंबर 2023 में कानून बनाकर मुख्य चुनाव आयुक्त को दिया गया कानूनी कवच इसी साजिश का हिस्सा था। पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज कराई गई 14 आपत्तियां इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि आयोग के भीतर सब कुछ ठीक नहीं था। इस पूरी धांधली और देशद्रोह के मुख्य साजिशकर्ताओं का पूरा सच देश के सामने आएगा और जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। डॉ. शिवकुमार डहरिया ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का हर एक कार्यकर्ता राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। सत्ता के बल पर जनादेश की डकैती करने वालों का चेहरा अब बेनकाब हो चुका है, और देश की जनता इस संवैधानिक गद्दारी का करारा जवाब देगी।

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