कोरबा : खनन प्रभावित क्षेत्रों में DMF (जिला खनिज न्यास) मद से कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। जनपद पंचायत कटघोरा क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर ने मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। कहीं निर्धारित मानक से कम मोटाई का सरिया लगाया जा रहा था, तो कहीं निर्माण सामग्री गुणवत्ता के तय मापदंडों पर खरी नहीं उतरी।
8 MM की जगह लगाया जा रहा था 6 MM सरिया
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ग्राम जेंजरा और सलोरा में DMF मद से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी, स्कूल और पीडीएस भवनों का निरीक्षण किया। जेंजरा के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन में स्लैब के लिए लगाए जा रहे सरिया की गुणवत्ता और मोटाई को लेकर उन्हें संदेह हुआ।
कलेक्टर ने मौके पर ही सीढ़ी मंगवाकर सब इंजीनियर से सरिया की जांच कराई। जांच में सामने आया कि निर्माण में 8 एमएम सरिया लगाए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन कई स्थानों पर 6 एमएम सरिया लगाया गया था।
मानक के विपरीत निर्माण सामग्री का इस्तेमाल मिलने पर कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने पंचनामा तैयार कर एफआईआर दर्ज करने और संबंधित सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
स्कूल भवन में भी गुणवत्ता पर सवाल
जेंजरा में ही निर्माणाधीन स्कूल भवन का निरीक्षण करने के दौरान फर्श पर लगाई गई टाइल्स भी निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं मिलीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने और निर्धारित मानकों के अनुसार ही काम कराने के निर्देश दिए।
वहीं ग्राम सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे पाए जाने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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निर्माण में देरी पर भी जताई नाराजगी
कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा बनाए जा रहे स्कूल भवन का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में देरी पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अक्टूबर तक भवन का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने जेंजरा के जर्जर आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
लंबित फाइलों पर भी कलेक्टर सख्त
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जनपद पंचायत में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र अनावश्यक रूप से लंबित न रखें, क्योंकि इससे भुगतान और आगामी विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ को कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा करने और जानबूझकर फाइलें लंबित रखने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जेंजरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र में देरी के मामले में संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
DMF के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि DMF की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए है। इस राशि से होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। निर्माण कार्यों में लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




