नई दिल्ली : स्मार्टफोन वर्तमान हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है लेकिन यही मोबाइल छोटे बच्चों और शिशुओं के विकास में बड़ी बाधा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात और 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बार-बार मोबाइल स्क्रीन देखने या उन्हें शांत करने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से उनके शारीरिक मानसिक सामाजिक विकास पर नकारात्मक पड़ सकता है।
-नींद और मस्तिष्क के विकास पर असर
-भाषा और सामाजिक विकास में देरी
-रोटी समय बच्चों को मोबाइल देना सही नहीं
-वीडियो कॉल भी सीमित रखें
-क्या करें माता-पिता?
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की शुरुआती 2 वर्ष मस्तिष्क के सबसे तेज विकास का समय होता है इस दौरान उन्हें माता-पिता का स्पर्श बातचीत आंखों का संपर्क और आसपास का वातावरण सबसे अधिक सीखने का असर देता है यदि इस समय मोबाइल स्क्रीन अधिक दिखाई जाती है तो प्राकृतिक विकास प्रक्रिया को प्रभावित करती है।

