17 सितंबर से छत्तीसगढ़ में शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, अरुण साव ने दिए बड़े निर्देश; हर गतिविधि की होगी वीडियो-रील

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17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, ‘सेवा की कहानी’ में दिखेगी लाभार्थियों की बदली जिंदगी; स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर

 

रायपुर, 15 सितंबर 2026 :  छत्तीसगढ़ में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान को व्यापक जनभागीदारी और जनसेवा का स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने मंगलवार को प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।

नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन से आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों, विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और प्रचार-प्रसार को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

जनभागीदारी को दें व्यापक स्वरूप

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप दिया जाए। उन्होंने जनसेवा और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को लोगों से जोड़ने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अभियान में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि सेवा और विकास की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सके।

हर गतिविधि की होगी फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग

उप मुख्यमंत्री ने अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों के प्रभावी दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आयोजन की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए और उससे रील तैयार कर सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर साझा की जाए।

उन्होंने कहा कि केवल कार्यक्रमों का आयोजन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं और अभियानों से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव को भी सामने लाया जाना चाहिए। इसके लिए लाभार्थियों की वास्तविक और प्रेरणादायी कहानियों को रिकॉर्ड कर डिजिटल माध्यमों से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

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‘आशीर्वाद का दीया’ से ‘सेवा सेतु’ तक होंगे आयोजन

बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित विभिन्न गतिविधियों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा की कहानी’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा में मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ- पंचायत से पार्लियामेंट’ कार्यक्रम के साथ प्रस्तावित है।

लाभार्थियों की कहानियां होंगी अभियान का चेहरा

अरुण साव ने विशेष रूप से ‘सेवा की कहानी’ के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को सामने लाने से दूसरे लोग भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित होंगे।

उन्होंने ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने को कहा।

स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर

बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ से जुड़ी गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।

इसके लिए नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की अगुवाई में नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को ऐसे स्थानों और क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर प्रभावी बदलाव लाया जा सके। साथ ही अभियान से पहले और बाद की स्थिति की तस्वीरें और रिकॉर्ड तैयार करने को कहा, ताकि स्वच्छता अभियान के परिणामों को स्पष्ट रूप से सामने लाया जा सके।

समयबद्ध क्रियान्वयन और निगरानी के निर्देश

उप मुख्यमंत्री ने अभियान की सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और बेहतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सेवा की भावना, जनभागीदारी और विकास के संकल्प को वास्तविक जमीनी बदलाव से जोड़ने का माध्यम बनना चाहिए।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर और अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी मौजूद रहे।

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