गरियाबंद : शहर में विकास कार्यों के नाम पर शुरू होने वाले निर्माण अगर समय पर पूरे न हों तो सुविधा के बजाय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं। नगर के वार्ड क्रमांक-7 रावणभाटा में नाली निर्माण के लिए की गई खुदाई अब इसी लापरवाही की तस्वीर सामने ला रही है।
लंबे समय से अधूरे पड़े नाली निर्माण के बीच रविवार सुबह नाली से लगे एक मकान का आहता अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया और जनहानि टल गई। हालांकि, मकान मालिक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
बारिश ने बढ़ाई परेशानी, गड्ढों में भरा पानी
जानकारी के मुताबिक, नाली निर्माण के लिए काफी समय पहले सड़क किनारे खुदाई की गई थी। इसके बाद से ही निर्माण अधूरा पड़ा है और आवागमन प्रभावित हो रहा है।
लगातार बारिश के कारण खुदाई वाले गड्ढों में पानी भर गया और आसपास की मिट्टी गीली होकर कमजोर हो गई। इसके चलते नाली से लगे मकान के आहते पर दबाव बढ़ा और वह अचानक ढह गया।
मलबे से रास्ता हुआ बाधित
आहता गिरने के बाद उसका मलबा सड़क पर फैल गया, जिससे रास्ते पर आवागमन भी प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों और राहगीरों को अब दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले और पानी से भरे गड्ढों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
निर्माण की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि नाली निर्माण के लिए खुदाई करते समय आसपास के मकानों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए थे?
बारिश के मौसम को देखते हुए निर्माण स्थल पर सुरक्षा बैरिकेडिंग और अन्य जरूरी इंतजाम क्यों नहीं किए गए? अगर खुदाई के कारण मकान का आहता गिरा है तो इससे हुए नुकसान की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
लोगों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें विकास कार्य से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और सुरक्षा के अभाव में आम जनता को परेशानी और नुकसान नहीं होना चाहिए।
लोगों ने नगर पालिका से मांग की है कि तत्काल मलबा हटाकर रास्ता बहाल किया जाए, निर्माण स्थल को सुरक्षित किया जाए और प्रभावित परिवार के नुकसान का जायजा लिया जाए।
अब नगर पालिका की जवाबदेही का सवाल
हादसे के बाद अब नगर पालिका की जिम्मेदारी है कि वह निर्माण स्थल का निरीक्षण कराकर स्थिति का जायजा ले। साथ ही मलबा हटाकर आवागमन बहाल करने और भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।
विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन जब अधूरी खुदाई लोगों के घरों और आवागमन के लिए खतरा बनने लगे, तो निर्माण की निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत और बढ़ जाती है।




