गरियाबंद :उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के जैतपुरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और वन क्षेत्र के पुनर्स्थापन के बाद दोबारा अतिक्रमण की कोशिश का मामला सामने आया है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने का फैसला लिया है।
प्रबंधन के मुताबिक, करीब 60 से 70 लोगों के दोबारा वन क्षेत्र में प्रवेश कर कथित रूप से अतिक्रमण करने और वन्यप्राणी आवास को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। इस मामले में फोटो-वीडियोग्राफी, ड्रोन फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की गई है।
पहले 166 लोगों पर दर्ज हुआ था मामला
जैतपुरी अतिक्रमण प्रकरण में पहले 166 लोगों के खिलाफ वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण और वन एवं वन्यजीव आवास को नुकसान पहुंचाने से जुड़े अपराध प्रकरण दर्ज किए गए थे।
इनमें से 126 आरोपियों को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी, जबकि पहले गिरफ्तार किए गए 40 आरोपियों को नियमित जमानत दी गई थी।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, हाईकोर्ट के 10 जुलाई 2026 के आदेश में आरोपियों के लिए भविष्य में इसी तरह के किसी अपराध में शामिल नहीं होने की शर्त भी रखी गई थी।
18 अगस्त को फिर वन क्षेत्र में पहुंचने का आरोप
प्रबंधन के मुताबिक, अतिक्रमण हटाकर पुनर्स्थापित किए गए वन क्षेत्र में 18 अगस्त 2026 को करीब 60-70 लोगों के दोबारा प्रवेश की जानकारी सामने आई। आरोप है कि इस दौरान वन क्षेत्र में फिर अतिक्रमण करने और वन्यप्राणी आवास को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मामले में वन्यप्राणी अपराध प्रकरण क्रमांक 15/16 और 15/17 के साथ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत भी प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
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ड्रोन फुटेज समेत जुटाए गए साक्ष्य
वन विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को मौके पर पकड़ा गया। घटना की फोटो और वीडियोग्राफी की गई तथा वन अपराध में इस्तेमाल किए गए औजार भी जब्त किए गए।
इसके अलावा चश्मदीद गवाहों और कोटवार के बयान, ड्रोन फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान किए जाने की बात प्रबंधन ने कही है।
126 अग्रिम और 40 नियमित जमानत को चुनौती
टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सक्षम न्यायालय के समक्ष 126 आरोपियों की अग्रिम जमानत और 40 पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों की नियमित जमानत को चुनौती देने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
इन मामलों में पूर्व अतिक्रमण, अतिक्रमण हटाने, वन क्षेत्र के पुनर्स्थापन और जमानत के बाद कथित रूप से दोबारा वन क्षेत्र में प्रवेश से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
दोबारा अतिक्रमण पर नए केस की चेतावनी
टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाना कार्रवाई का अंतिम चरण नहीं है। वन क्षेत्र में दोबारा प्रवेश कर खेती या निर्माण करने, वन्यजीव आवास को नुकसान पहुंचाने अथवा अपराध दोहराने पर नए आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।
इसके साथ ही संबंधित आरोपियों की जमानत या अग्रिम जमानत को चुनौती देने की कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
रिजर्व क्षेत्र में निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है। स्थल निरीक्षण, फोटो-वीडियोग्राफी, जियो-रेफरेंस्ड साक्ष्य और ड्रोन जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं के जरिए नए उल्लंघनों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।




